मेरठ। अन्य राज्यों की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी वाहन मालिकों को कागज के स्थान पर डिजिटल आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) मिलनी शुरू हो जाएगी। शासन स्तर पर इसका आरसी का मॉडल तैयार किया जा रहा है। स्मार्ट कार्ड जैसी दिखने वाली आरसी को व्यक्ति हर समय अपने पर्स में रख सकेंगे। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगले दो-तीन माह में डिजिटल आरसी की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
अभी तक मेरठ समेत सभी जनपदों में कंप्यूटराइज कागज की आरसी मिलती है। कुछ समय से संभागीय परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस तो डिजिटल जारी करने शुरू किए, अब इसी तर्ज पर आरसी को भी डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा। मेरठ संभागीय परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन 150 से 250 वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है। नववर्ष, नवरात्र, दिपावली और ईद के त्योहार पर वाहन रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ जाती है। इसी के अनुसार माह में इनकी संख्या पांच से छह हजार पहुंच जाती है।डिजिटल व्यवस्था शुरू होने के बाद वाहन स्वामियों को समय पर आरसी मिलनी शुरू हो जाएगी। अभी तक वाहन स्वामियों को वाहन खरीदने के कई कई माह तक आरसी नहीं मिलती है। आए दिन आरसी के कागज की कमी का रोना रोया जाता है।
वहीं, सरकार ने सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य की है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगाने वाले वाहनों पर जुर्माना भी तय किया हुआ है। इसको डिजिटल आरसी के विकल्प के रूप में भी देखा जा सकता है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर क्यू आर कोड होता है। जिसको स्केन करते ही वाहन का नंबर, प्रदूषण, टैक्स आदि सभी का लेखाजोखा खुलकर सामने आ जाता है। चोरी हुए वाहन को पकड़ने में भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट काफी सहायक होती है।
वर्जन
- डिजिटल आरसी शीघ्र ही जारी की जाएंगी। इस पर शासन स्तर पर काम चल रहा है। दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य कई प्रदेशों में पहले से ही डिजिटल आरसी जारी हो रही हैं। उम्मीद है कि दो माह में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। - हिमेश तिवारी, आरटीओ प्रशासन।