अब शहर की जनता को अपने घर के बाहर कूड़ा डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रत्येक घर में नगर निगम दो-दो डस्टबिन रखवाने जा रहा है। नगर निगम द्वारा निश्चित की गई कंपनी के लोग घर-घर पहुंचकर डस्टबिन में एकत्र किया गया कूड़ा उठाएंगे। इसके एवज में प्रत्येक परिवार को कुछ शुल्क देना होगा। शहर भर में लगभग दो लाख डस्टबिन पर सरकारी खजाने से 2 करोड़ 47 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे।
केंद्र सरकार के आदेशानुसार नगर निगम प्रशासन पर्यावरण दिवस पांच जून तक ज्यादातर घरों में डस्टबिन पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने कमेटी गठित कर दी है। ताकि डस्टबिन के रेट और सभी घरों तक डस्टबिन रखवाया जा सके। नगर स्वास्थ्य विभाग की भवन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर महानगर में 1 लाख 90 हजार भवन हैं। लेकिन नगर निगम प्रशासन दो लाख भवनों के हिसाब से डस्टबिन की खरीद करने की योजना बना रहा है। इस प्रकार से शहर के कॉमर्शियल भवनों को छोड़कर बाकी लगभग सभी भवनों तक डस्टबिन पहुंच जाएगा। नगर निगम ने इस योजना का प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया है। शहर में होर्डिंग लगवाए जा रहे हैं वहीं गाड़ी से एनाउंस और गोष्ठियां कराने की तैयारी है।
निगम बोर्ड फंड देगा 65 प्रतिशत धनराशि
स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने प्रत्येक घर में डस्टबिन रखने के लिए योजना संचालित की है। इस योजना के तहत डस्टबिन पर आने वाले खर्च की 65 प्रतिशत धनराशि नगर निगम बोर्ड फंड से खर्च होगी। जबकि 35 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। कंपनी की वेबसाइट पर डाले गए डस्टबिन और उसके रेट पर गौर करें तो 12 लीटर का प्लास्टिक डस्टबिन की कीमत 117 रुपये, इससे कुछ अच्छी क्वालिटी के डस्टबिन की कीमत 130 रुपये है। माना जा रहा है कि इन दोनों में से किसी एक डस्टबिन को फाइनल किया जाएगा।
एक ही कंपनी देगी डस्टबिन
डस्टबिन खरीद में कोई घोटाला न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में शहरों को डस्टबिन की सप्लाई देने के लिए एक कंपनी को चयनित किया है। नगर निगम प्रशासन ऑनलाइन वेबसाइट पर डस्टबिन का साइज और रेट फाइनल करेगा। उसी के आधार पर कंपनी निगम प्रशासन को डस्टबिन सप्लाई कराएगी।
पूर्व में हो चुका है डस्टबिन घोटाला
पूर्व में नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों पर लगवाए गए डस्टबिन में बड़ा घोटाला हुआ था। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था। जिसपर जांच के बाद नगर निगम प्रशासन ने डस्टबिन देने वाली कंपनी को लगभग आधे रेट की ही पेमेंट की थी। हालांकि कंपनी ने नगर निगम की शर्तोँ के मुताबिक डस्टबिन सप्लाई करने का हवाला देते हुए न्यायालय की शरण ली हुई है।
हाउस टैक्स के साथ वसूला जाएगा शुल्क
डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम कंपनियों को आमंत्रित कर रही है। कंपनी के लोग घरों से कूड़ा उठाएंगे। कूड़ा उठाने की एवज में लिए जाने वाला शुल्क नगर निगम हाउस टैक्स के साथ लेने योजना बना रहा है। वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवर सेन का कहना वह धनवानों से आग्रह करेंगे कि वे खुद ही डस्टबिन खरीदें। ताकि शहर में ज्यादा-ज्यादा घरों में डस्टबिन रखे जा सकें। हालांकि सरकार की नीति के अनुरूप सभी परिवारों को निशुल्क डस्टबिन उपलब्ध कराना है।
कूड़ा निस्तारण प्लांट चलेगा तो दौड़ेगी योजना
इस योजना का फायदा कूड़ा निस्तारण प्लांट संचालित होने पर धरातल पर दिखाई देगा। क्योंकि जो कूड़ा हमारे घर के बाहर सड़क पर सड़ता रहता है। उससे पर्यावरण दूषित होता है। गांवड़ी में तीन-चार माह में प्लांट चालू होना है। उसके बाद यह कूड़ा प्लांट में इस्तेमाल करके बिजली, गैस और कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी।
समिति का हो चुका है गठन
समिति का गठन कर दिया है। शहर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और डस्टबिन संबंधी जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार भी शुरू करा दिया है। पांच जून को पर्यावरण दिवस पर घर-घर में डस्टबिन रखने की योजना है। केंद्र सरकार की कंपनी ही डस्टबिन सप्लाई करेगी। देवेंद्र कुमार कुशवाहा, नगरायुक्त
शहर में नहीं होगी गंदगी
केंद्र सरकार की इस योजना से शहर में कहीं पर भी गंदगी दिखाई नहीं देगी। प्रचार प्रसार से लेकर डस्टबिन का तेजी से प्रचार प्रसार चल रहा है। जनता आगे आकर इस योजना का स्वागत करे। हरिकांत अहलूवालिया, महापौर