रोजाना जाम से जूझने वाले शहर का ट्रैफिक सिस्टम बुधवार को करीब एक लाख लोगों की अतिरिक्त भीड़ से धड़ाम हो गया। 81 केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा देने जहां 40 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी पहुंचे तो उनके साथ करीब 60 हजार अभिभावक रहे। करीब आठ हजार अतिरिक्त वाहनों का ऐसा लोड बढ़ा कि शहर सुबह से लेकर शाम तक जाम रहा। वहीं ट्रैफिक और थानों की पुलिस व्यवस्था बनाने में फेल रही। अमर उजाला टीम ने यातायात व्यवस्था का हाल जाना।
बेगमपुल से मेट्रो प्लाजा तिराहा
इस व्यस्ततम रोड पर फैज-ए-आम इंटर कॉलेज और डीएन इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुबह आठ से 11 बजे की पाली की परीक्षा खत्म होते ही एक साथ सैकड़ों परीक्षार्थी सड़कों पर आ गए। शहर के रूटीन ट्रैफिक के साथ इस अतिरिक्त भीड़ से ट्रैफिक सिस्टम इस कदर गड़बड़ाया कि दिल्ली रोड जाम हो गई। रेलवे रोड चौराहे पर मौजूद कुल चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करते देखे गए। दोपहर एक से चार बजे की दूसरी पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद देर शाम तक यह मार्ग जाम की चपेट में रहा।
वेस्टर्न कचहरी रोड
यहां आरजी कॉलेज और मेरठ कालेज में परीक्षा केंद्र बने थे। इस मार्ग पर कई सरकारी और निजी दफ्तरों के साथ चार बैंक भी हैं। कचहरी और कलक्ट्रेट जाने वालों के लिए यह मुख्य मार्ग है। सुबह की पाली की परीक्षा खत्म होने पर यह मार्ग एक घंटे से ज्यादा जाम रहा। दूसरी पाली के बाद तो हालात और खराब रहे। व्यवस्था के नाम पर यहां केवल दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ही ड्यूटी थी।
बुढ़ाना गेट-बच्चा पार्क
बुढ़ाना गेट पर इस्माइल गर्ल्स कॉलेज में परीक्षा केंद्र था। यह भीड़भाड़ वाला इलाका सुबह की परीक्षा छूटते ही पूरी तरह जाम हो गया। परीक्षार्थियों के अभिभावकों की भीड़ और वाहनों ने जाम में और इजाफा किया।
हापुड़ अड्डा-गढ़ रोड
हापुड़ अड्डा से नई सड़क शास्त्रीनगर तक कई कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बने थे। सुबह सात बजे से ही गढ़ रोड पर ट्रैफिक लोड बढ़ गया। सुबह और शाम की पाली की परीक्षा छूटने के दौरान जाम के हालात बेकाबू हो गए। ट्रैफिक पुलिस को गांधी आश्रम चौराहे से रूट डायवर्जन तक करना पड़ा।
सराफा बाजार-खैर नगर
शहर के मुख्य मार्गों पर जाम से बचने के लिए कई अभिभावकों और शहर के लोगों ने अपने वाहन खैर नगर, वैली बाजार, कोतवाली और सराफा बाजार जैसे अंदरूनी इलाकों से निकाले तो ये इलाके भी जाम हो गए। खैरनगर में तो पैदल चलने का मार्ग नहीं बचा।
80 हजार लोग देहात से
करीब एक लाख की इस भीड़ में 80 हजार लोग देहात क्षेत्रों से आए थे। डीएन इंटर कॉलेज में बेटी को परीक्षा दिलाने आए सरधना निवासी राजेंद्र गोयल ने बताया कि सुबह से ही इतना जाम था कि वह दूसरे रास्तों से होकर जैसे तैसे आठ बजे परीक्षा केंद्र पहुंचे। बेटी को लेकर मवाना से आए देवकुमार भी लेट हो गए। लोगों का कहना था कि इस तरह की परीक्षाएं अवकाश के दिन रविवार को होनी चाहिए। सुबह के वक्त रोड पर भीड़ भी ज्यादा नहीं होती।