शामली। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के बच्चे प्लंबर का काम और इलेक्टि्रक वायरिंग करना सीखेंगे। पंक्चर और पाककला का प्रशिक्षण भी पाएंगे। बच्चों का यह गुर लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के तहत सिखाएं जाएंगे।
जल्द ही परिषदीय स्कूलों में बच्चों को फैब्रिकेशन, प्लंबिंग, निर्माण, सैनिटेशन, इलेक्टि्रक वायरिंग जैसे कई ट्रैड्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभागीय अफसरों का मानना है कि इससे बच्चों के अंदर जिज्ञासा बढ़ेगी और वे हुनरमंद होंगे। जनपद में 596 परिषदीय स्कूल संचालित है। स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को करके सीखो कार्यक्रम से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। इसे लर्निंग बाय डूइंग नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय के कक्षा छह से आठ तक के सभी छात्रों को इसके लिए जागरूक किया जाएगा। इन स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के सभी छात्र-छात्राओं को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 50 प्रकार के उपकरण भी खरीदे गए हैं। जिससे छात्र पढ़ने के साथ नई कलाओं को सीख कर आत्मनिर्भर बन सके।
छात्रों को लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के तहत नई कलाएं सिखाई जाने वाली है। इसके लिए कक्षा छह से आठ के बच्चों का चयन किया जाएगा। जल्द ही विद्यालयों में बच्चों को लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम के तहत विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
-लता राठौर, बीएसए शामली