शासनादेश से पहले ही मस्जिदों पर चस्पा किए नोटिस
मेरठ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों में एक बार में सिर्फ पांच लोगों के प्रवेश की अनुमति दी है। कारी अफ्फान कासमी का कहना है कि शासनादेश आने से पहले ही पुलिसकर्मियाें ने मस्जिदों के बाहर नोटिस चस्पा करने शुरू कर दिए थे। कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि सोमवार को डीएम से मुलाकात कर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व राज्यपाल के नाम लिखित ज्ञापन सौंपेंगे।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र में मस्जिद अक्सा व मस्जिद जन्नतुल फिरदौस के बाहर नोटिस लगाए गए हैं। कारी अफ्फान कासमी ने कहा कि शनिवार रात तक प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी प्रवेश पर सहमति जता रहे थे, लेकिन रविवार को गाइडलाइन जारी कर दी गई। यह भी आरोप लगाया कि शासनादेश आने से पहले ही मस्जिदों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए।
वहीं, हापुड़ रोड करीमनगर स्थित खदीजा मस्जिद में मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी की अध्यक्षता में बैठक हुई। कासमी ने कहा कि सरकार ने पार्क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सरकारी व गैरसरकारी दफ्तर, दुकान खोलने व पंचायत चुनाव कराने की अनुमति दी है। लेकिन धर्मस्थलों पर पाबंदी लगाई है। रमजान इबादत का महीना है। मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि मस्जिदों में मास्क, सामाजिक दूरी और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन करते हुए नमाज व तरावीह की अनुमति मिलनी चाहिए। विधायक रफीक अंसारी, मुफ्ती हसन कासमी, रियासत एडवोकेट, जीएम मुस्तफा सदर जमीयत उलेमा-ए-हिंद, मौलाना अरीजुद्दीन, अनस सब्जवारी, यामीन पटवारी, हाजी राहत, हाजी आबाद खां, नवेद पटवारी मौजूद रहे। संचालन काजी हस्सान कासमी, काजी शरीयत ने किया।