खरखौदा। गांव फफूंडा में ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर दो तालाबों का अस्तित्व ही मिटा दिया। तालाबों को कब्जा मुक्त कराने का बीड़ा उठाने वाली गांव की ही एक युवती से उसके घर में घुसकर ग्रामीणों ने मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर युवती मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच गई तथा तालाब खाली नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। उधर, राजस्व विभाग ने अतिक्रमण करने वालों के मकानों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं।
पूरे जिले में भूजल की स्थिति भयावह है। यहां सबसे गंभीर स्थिति खरखौदा ब्लॉक तथा दूसरे नंबर पर मेरठ ब्लॉक की है। प्रशासन ने जुलाई में तालाबों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान चलाया था। प्रशासन की मंशा सितंबर से पहले ही तालाबों को अतिक्रमण कराकर किनारों पर पौधरोपण एवं सुधार कराने की रही। इसके लिए फफूंडा ग्राम पंचायत को भी निर्देश दिया था। वहीं, प्रशासन लापरवाही के चलते फफूंडा के एक भी तालाब को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पाया। रिकार्ड में गांव में आठ तालाब हैं। अब मौके पर केवल तीन तालाब जीवित हैं। हालांकि तीन तालाबों का अस्तित्व मिट गया है। जबकि दो तालाब आंशिक रूप से बचे हैं। ग्राम पंचायत ने जब तालाबों पर कार्रवाई नहीं की तो गांव एक युवती ने आगे बढ़कर प्रशासनिक अफसरों का दरवाजा खटखटाया था। इससे नाराज ग्रामीणों ने युवती की घर में घुसकर उसकी पिटाई कर दी थी। इस पर युवती ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अतिक्रमण करने वाले ग्रामीण राजनीति से जुड़े होने के कारण प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इस पर युवती अपनी मांग लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के दरबार में पहुंची थी। जहां उसने मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की थी। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर 16 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। अब प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर नोटिस देने का प्रयास किया। उन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया था। राजस्व विभाग के कर्मचारी एवं ग्राम प्रधान ने आरोपियों के मकान पर नोटिस चस्पा किया है। राजस्व विभाग की ओर से पांच दिन का समय दिया गया है। यदि वे पांच दिन के भीतर कब्जा नहीं हटाते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोप है कि उन्होंने नोटिस को फाड़ दिया।