24 घंटे बाद भी जमीन पर पड़ी रहीं अस्थियां
मेरठ। प्रशासन और नगर निगम के दावों के बावजूद सुरजकुंड श्मशान घाट पर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाया है। अंतिम संस्कार के 24 घंटे बाद भी जमीन पर पड़ी अस्थियां नहीं हटाई गईं। आचार्य ने समय न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। सोमवार को भी कई शवों का संस्कार जमीन पर ही हुआ।
सहायक नगर आयुक्त ने निर्देश दिए थे कि 24 घंटे के अंदर ही प्लेटफार्म पर फूलों को हटा दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के कर्मचारी लगाए गए, लेकिन हो नहीं पाया। श्मशान पर तीन से चार दिन पुरानी अस्थियां रखी हुई हैं। गंगा मोटर कमेटी के कोषाध्यक्ष अनिल मितल ने बताया कि सुबह 7:00 बजे से ही शवों का आना शुरू हो गया था। सोमवार को लगभग 40 शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। ऐसे में आचार्यों को जमीन से अस्थितियां हटाने का समय नहीं मिल पाया।
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सूरजकुंड शमशान घाट के पार्किंग स्थल में बनेंगे अतिरिक्त प्लेटफार्म
मेरठ। कोरोना संक्रमण से मौतों की संख्या बढ़ने से शमशान घाट पर बने दाह संस्कार प्लेटफार्म कम पड़ने लगे हैं। इसके चलते कई दिन से शवों का दाह संस्कार जमीन पर करना पड़ रहा है। नगर निगम ने इसके लिए शमशान घाट की पार्किंग स्थल पर करीब 25 अस्थायी प्लेटफार्म बनाने का निर्णय लिया है।
नगर आयुक्त मनीष बंसल ने सोमवार को सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह और मुख्य अभियंता निर्माण यशवंत कुमार के साथ शमशान घाट का दौरा किया। उन्होंने पार्किंग स्थल पर अस्थायी प्लेटफार्म बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन दिन में अस्थायी प्लेटफार्म तैयार किए जाएं ताकि कोविड प्रॉटोकाल के तहत शवों का अंतिम संस्कार अलग से किया जा सके। शमशान घाट के मुख्य द्वार और दीवार को भी व्यू कटर लगाकर बंद किया जाएगा ताकि जलती चिताएं दिखाई न दे सकें। अब्दुल्लापुर श्मशान घाट के लिए भी ग्रामीणों को समझाकर मामले का हल्र निकाला जाएगा।
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