बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों से बढ़ा खतरा
बिजनौर। कोरोना का संक्रमण एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी मिल रहे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। जाने अनजाने वह संक्रमण का प्रसार करते चले गए और जब तक उन्हें कोरोना होने की पुष्टि हुई, वह अन्य लोगों को भी संक्रमित कर चुके थे। पिछले दस दिनों में 411 मरीज बिना लक्षणों वाले मिले हैं और उनमें संक्रमण की पुष्टि होने तक वह 263 लोगों को संक्रमित कर चुके थे।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो कोरोना के नये संक्रमितों में अब तक करीब 42 फीसदी यानी 1641 मरीज बिना लक्षण वाले मिले हैं, जबकि पिछले लगभग दस दिनों में ऐसे मरीजों का आंकड़ा करीब 411 है, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। ये मरीज लगभग 263 लोगों को संक्रमित कर चुके हैं। इस पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अधिक से अधिक लोगों की जांच कर इस तरह के मरीजों को खोजने की कोशिश में लगा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने शहर से लेकर गांवों तक बने कंटेनमेंट जोन में सबकी कोरोना जांच कराने का फैसला किया है। खासकर ऐसे संदिग्धों की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी, जिन्हें हाल के दिनों में सर्दी-खांसी व बुखार रहा हो या लग रहा हो।
लक्षण नहीं दिखने से मरीज रहता है बेपरवाह
बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीज चिंतामुक्त होकर परिजनों, आस पड़ोस और बाजारों में जाकर उठते-बैठते हैं। इससे दूसरों में आसानी से कोरोना के संक्रमण फैलते हैं। इस तरह के मरीजों को खुद भी पता नहीं होता है कि वे संक्रमित हो चुके हैं। इस कारण बिना सतर्कता के वे बाहर घूमते रहते हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्यों, पंचायत समिति, जिला पंचायत सदस्यों से अपने क्षेत्र में संदिग्धों और बीमार लोगों की पहचान कर सूचना देने का आग्रह किया है, जिससे उनकी जांच कराई जा सके। जहां भी आशंका हो कि किसी में कोरोना का लक्षण दिख रहा है, तो स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें, स्वास्थ्य विभाग शिविर लगाकर सभी लोगों के सैंपल लेकर जांच करेगा।
-सामान्य मरीजों के साथ-साथ बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को खोजना हमारी प्राथमिकता है। इस कारण हम अधिक से अधिक से अधिक सैंपल की जांच कर बिना लक्षण वाले मरीजों की भी जांच कराना चाह रहे हैं, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
डा. विजय कुमार यादव
मुख्य चिकित्साधिकारी, बिजनौर
कोरोना को मात दी, पर बीमारी छोड़ गई असर
कोरोना केवल सांस लेने में ही नहीं बल्कि अन्य अंगों को भी कर रहा प्रभावित
कमजोरी, दम फूलने और सिर में दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे ठीक हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कोरोना से ठीक तो हो गए पर बीमारी अपना असर छोड़ गई है। किसी के घुटने में दर्द है, तो किसी को सूखी खांसी तंग कर रही है। यही नहीं लोग ठीक से काम भी नहीं कर पा रहे हैं। कोरोना के नोडल अधिकारी डा. देवेंद्र कुमार भी मानते हैं कि कोरोना से केवल सांस लेने में ही दिक्कत नहीं हो रही, बल्कि यह अन्य अंगों को भी प्रभावित कर रहा है।
एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने बताया कि पिछले महीने वे कोरोना महामारी की चपेट में आ गए थे। इलाज के बाद उनकी रिपोर्ट तो नेगेटिव आ चुकी है, लेकिन उन्हें अधिक देर पर बैठने में समस्या है। ज्यादा देर तक बैठकर काम करने पर सिर में तेज दर्द होने लगता है। चलने फिरने के दौरान चक्कर आते हैं और उन्हें काफी कमजोरी महसूस हो रही है। इसे दूर करने के लिए उन्होंने अपने आहार में दूध और मुनक्का आदि को शामिल किया है।
नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार कटियार बताते हैं कि दो माह पहले वह संक्रमित हुए थे, अब संक्रमण ठीक होने के बाद भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाए हैं। कभी-कभी उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के साथ ही हाथों-पैरों के दर्द के अलावा कभी-कभी सूखी खांसी आने लगती है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किरतपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ईश्वरानंद को कोरोना होने पर 21 सितंबर को परिजनों ने ग्रेटर नोएडा के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती रखा। 15 दिन बाद ठीक हुए और इसके बाद 15 दिन ही घर पर आराम किया। अब उन्हें कभी कभी शरीर में अकड़न की समस्या होती है, एक महीने पहले तक अधिक बोलने और सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलने की दिक्कत होती थी।
संतुलित भोजन को करें शामिल
कोरोना रोगियों को अपने भोजन में आयरन, मिनरल और विटामिनयुक्त खाद्य और पेय पदार्थों को शामिल करना चाहिए। जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहे। इसके अलावा दैनिक जीवन में योग को शामिल करें। कम से कम आठ से दस घंटे की नींद लें।
डा. तजीन आरिफ
चेस्ट फिजीशियन
कोरोना रोगी रखें विशेष देखभाल
ठीक होने के बाद भी कम से कम 17 दिन का परहेज करें और स्वयं को आइसोलेशन में रखें। साथ ही समय समय पर ऑक्सीजन के स्तर की जांच कराते रहें। ज्यादा परेशानी होने पर अपने चिकित्सक से सलाह लें। इसके अलावा हरी सब्जियां और योगासन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करें।
डा. देवेंद्र कुमार
नोडल अधिकारी कोरोना
बाजारों और सड़कों पर बेवजह उमड़ रही भारी भीड़
‘दो गज दूरी, मास्क है जरूरी’ निर्देश की नहीं कोई परवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला प्रशासन की सख्ती और चेतावनी के बाद भी जनता कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही है। दो गज दूरी और मास्क है जरूरी के निर्देश की लोगों को जरा भी परवाह नहीं हैं। बाजारों में खूब भीड़ उमड़ रही है। लोग बिना वजह के ही सड़कों पर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों को न तो अपनी स्वास्थ्य की चिंता है और न ही दूसरों की जिंदगी की परवाह।
लॉकडाउन में लोग काफी गंभीर रहे, लेकिन अब स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अनलॉक होने पर कोरोना को भूल गए हैं। उन्होंने आवश्यक सावधानियों का पालन करना कम कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से बाजारों में खरीदारों की भीड़ लगी है। लोग अब गली-मोहल्लों में बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। ये लापरवाही भारी पड़ सकती है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण पहले से अधिक प्रभावशाली है। अभी हाल ही में जिला प्रशासन ने ‘दो गज दूरी और मास्क है जरूरी’ का पालन न करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए चेकिंग शुरू कर दी है और जुर्माना भी वसूला जा रहा है। इसके बावजूद लोगों पर इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है। जिला सर्विलांस अधिकारी एसके निगम बताते हैं कि कोरोना अदृश्य शत्रु है। इसे मारने के लिए हर हथकंडे अपनाने की जरूरत है। जागरूकता ही इसका बचाव है। बिना वजह घर से बाहर न निकलें और बहुत ज्यादा जरूरी होने पर मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें, जिससे कोरोना के संक्रमण से बचा जा सके।