बिजनौर। नामांकन पत्रों की जांच के बाद नगीना लोकसभा सीट पर छह उम्मीदवारों के नामांकन पत्र निरस्त हो गए हैं। ऐसे में अब छह ही उम्मीदवार मैदान में रहे हैं। इनमें भी दो उम्मीदवार निर्दलीय के तौर पर ताल ठोक रहे हैं।
बृहस्पतिवार को संसदीय क्षेत्र नगीना पर दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच में धर्मवीर, रविंद्र भारती, घासीराम, जितेंद्र कुमार, सत्यवीर सिंह और राधेश्याम के नामांकन पत्रों को निरस्त कर दिया गया।
जिसके बाद भाजपा से ओमकुमार, सपा से मनोज कुमार, बसपा से सुरेंद्र पाल सिंह और आसपा प्रमुख चंद्रशेखर, निर्दलीय जोगेंद्र और संजीव कुमार मैदान में हैं। बता दें कि नगीना लोकसभा सीट पर 12 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। जिसमें छह का निरस्त हो गया है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच में कमी मिलने पर छह नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं।
- अनुसूचितों के रुख पर टिका है दारोमदार
नगीना सीट पर अनुसूचित बनाम अनुसूचित के बीच चुनाव है क्योंकि सभी सीटें आरक्षित होने की वजह से सभी उम्मीदवार अनुसूचित हैं। ऐसे में सभी उम्मीदवार अनुसूचितों को अपने अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा पिछड़ों और अनुसूचितों के गठजोड़ के सहारे नैया पार लगाने का सपना संजोए हुए है जबकि सपा भी पिछड़ा, अनुसूचित और अल्पसंख्यक का कार्ड खेल रही है। उधर, आसपा प्रमुख को भी दलित के साथ मुस्लिमों से भी आस है।