पांच ब्लॉक में एक-एक ग्राम प्रधान का नामांकन निरस्त
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच के बाद अंतिम सूची चस्पा की गई। परीक्षितगढ़, सरधना, खरखौदा से एक-एक ग्राम प्रधान का नामांकन निरस्त किया गया है। वहीं सरधना में पहले दो नामांकन निरस्त किए गए थे। प्रत्याशी द्वारा हंगामा किए जाने और विधायक संगीत सोम के प्रयास के बाद हुई दोबारा जांच में निर्मला का नामांकन वैध किया गया है। रविवार को तीन बजे तक नाम वापसी होगी। उसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
सरधना/मवाना/खरखौदा। ब्लॉक मुख्यालय पर नामांकन की जांच के बाद सूची चस्पा कर दी गई। खंड विकास अधिकारी सुनीत कुमार भाटी व एआरओ कुमार गौरव अरविंद ने बताया कि ग्राम प्रधान पद पर एक नामांकन पर्चा निरस्त हुआ, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 45 पर्चे निरस्त हुए। बीडीसी पद पर सभी पर्चे जांच में वैध पाए गए।
खंड विकास अधिकारी सुनीत कुमार भाटी ने बताया कि ग्राम प्रधान पद पर 343 पर्चे जमा हुए थे। जिसमें रार्धना के निवर्तमान प्रधान विश्वास कुमार उर्फ बबलू का पर्चा निरस्त किया गया है। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 554 पर्चों में 45 पर्चे निरस्त हुए। बीडीसी पद पर सभी 295 पर्चे वैध पाये गये।
वहीं मवाना में निर्वाचन अधिकारी धुर्ण कुमार ने बताया कि प्रधान पद के लिए कुल 393 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे, जो जांच में सही पाए गए हैं। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए जमा किए गए 487 नामांकन पत्रों में से 48 निरस्त किए गए हैं। बीडीसी में 311 नामांकन में से तीन को निरस्त किया गया है।
कम उम्र होने के चलते निरस्त हुए नामांकन
खरखौदा/परीक्षितगढ़/हस्तिनापुर। खरखौदा ब्लॉक की 30 ग्राम पंचायत के लिए ग्राम प्रधान पद के लिए 297 नामांकन पत्र जमा कराए गए थे, जिसमें जांच में गांव खंदावली का एक नामांकन पत्र कम उम्र कम होने के कारण निरस्त किया गया। बीडीसी के लिए 332 नामांकन पत्र जमा कराए गए, जांच में सभी वैध पाए गए। ग्राम पंचायत सदस्य के 424 नामांकन में से 19 को निरस्त किया गया है। वही, परीक्षितगढ़ में एडीओ पंचायत बाबूराम नागर ने बताया कि ग्राम प्रधान के 467 नामांकन में से एक नामांकन निरस्त किया गया। बीडीसी 417 में से 5 और ग्राम पंचायत सदस्य के 871 में से 45 नामांकन निरस्त किए गए हैं।
हस्तिनापुर में आरओ महेश कुमार कंडवाल ने बताया कि ग्राम प्रधान पद के लिए 656 और बीडीसी के लिए 386 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। जो जांच में सही पाए गए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य के 571 नामांकन में से चार निरस्त किए गए हैं।
निवर्तमान प्रधान का नामांकन निरस्त
- पहले पत्नी का भी नामांकन हुआ था निरस्त, विधायक के प्रयास पर हुई दोबारा जांच, पाया वैध
सरधना। औरंगनगर रार्धना में प्रधान पद के लिए पूर्व प्रधान विश्वास कुमार उर्फ बबलू व उनकी पत्नी निर्मला ने नामांकन पत्र जमा किया था। शनिवार दोपहर को खंड विकास कार्यालय से विश्वास कुमार को उनका और उनकी पत्नी दोनों का नामांकन निरस्त होने की जानकारी दी गई। जानकारी पर पूर्व प्रधान, पत्नी कोमल और समर्थकों के साथ खंड विकास कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने किसी के दबाव में नामांकन पत्र निरस्त करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। निवर्तमान प्रधान ने मामले की जानकारी विधायक संगीत सोम को दी। विधायक के प्रयास से हुई दोबारा जांच में पत्नी कोमल का पर्चा वैध माना गया।
- दोनों नामांकन पत्र सही जमा किए गए थे। जांच के दौरान दोनों नामांकन को निरस्त करने की तैयारी थी, लेकिन विधायक के प्रयास के चलते पत्नी के नामांकन को वैध माना गया। विश्वास कुमार उर्फ बबलू पूर्व प्रधान रार्धना
- पूर्व प्रधान बबलू के फार्म में कुछ त्रुटि रह गई थी, जिस कारण पर्चा निरस्त हुआ, बाकी उनकी पत्नी का पर्चा वैध पाया गया।- सुनीत कुमार भाटी खंड विकास अधिकारी सरधना
माछरा में चस्पा नहीं हुई ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची
माछरा। खंड विकास कार्यालय माछरा में शनिवार को देर रात तक नामांकन पत्रों की जांच जारी रही। समाचार लिखे जाने तक ग्राम प्रधान और बीडीसी पदों के लिए सूची चस्पा की गई थी। ग्राम पंचायत सदस्यों के नामांकन की जांच प्रक्रिया जारी रही।
माछरा ब्लॉक के आरओ धनश्याम ने बताया कि ग्राम प्रधान के लिए 366 नामांकन में से एक नामांकन निरस्त किया गया। बताया गया कि नामांकन करने वाली महिला प्रत्याशी एक सरकारी नौकरी पर कार्यरत थी। बीडीसी के 329 नामांकन पत्रों में से एक नामांकन निरस्त किया गया है।
वहीं, आरओ ने बताया कि एक प्रार्थना पत्र गांव भड़ौली निवासी कृष्णपाल पुत्र रघवर सिंह ने दिया है। उन्हाेंने बताया कि ग्राम प्रधान जगवती पत्नी भूले सिंह निवासी ग्राम भड़ौली के लिए प्रस्तावक पर हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। उनका फोटो जगवती ने लेकर प्रस्तावक के लिए चस्पा कर दिया और अपना फार्म जमा कर दिया जब उन्हें सूचना मिली तो उन्होंने आरओ धनश्याम सिंह को प्रार्थना पत्र दिया है कि ग्राम प्रधान के लिए फार्म पर उनका फोटो उनकी अनभिज्ञता से लिया गया है और वह हस्ताक्षर भी अमान्य है। आरओ ने उनका प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है और बताया कि इसकी गहनता से जांच कर निर्णय लिया जाएगा।