सदर बाजार थाना क्षेत्र के रजबन स्थित खटीक कॉलोनी निवासी गुरदीप सिंह का बेटा सनी ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालता था। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मौसम खराब होने के बाद वह बेगमपुल से सवारी उतारकर नाले की पटरी के रास्ते अपने घर लौट रहा था।
काठ के पुल से आगे रजबन की ओर जाने वाली सड़क पर तीखी ढलान है। बारिश और खराब मौसम के बीच ढलान पर ई-रिक्शा अनियंत्रित हो गया। नाले के किनारे कोई सुरक्षा दीवार नहीं थी ऐसे में रिक्शा सीधे नाले में जा पलटा और सनी उसके नीचे दब गया। गनीमत रही कि रिक्शे में कोई सवारी नहीं थी वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।
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अस्पताल पहुंचने तक थम गई सांसें
हादसे के बाद मचे शोर को सुनकर भीड़ तो जुटी लेकिन सनी को बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया गया। सूचना मिलने के आधे घंटे बाद पहुंची सदर बाजार पुलिस ने लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला और प्यारेलाल शर्मा जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके पर मौजूद रजबन के लोगों ने शव की पहचान सनी के रूप में की। सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि मृतक के भाई गुलशन के अनुसार सनी को दौरे भी पड़ते थे। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया।
अफसरों की नींद नहीं टूटी, मांग फाइलों में दबी
यह हादसा पूरी तरह से प्रशासनिक उपेक्षा का नतीजा है। स्थानीय नागरिक प्रवींद्र कुमार, संजू राणा और दीपक बंसल का कहना है कि वे लंबे समय से यहां नाले की दीवार बनवाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कैंट बोर्ड के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। काठ के पुल से रजबन की तरफ जाने वाली सड़क पर ढलान होने से अक्सर वाहन तेज गति में अनियंत्रित हो जाते हैं। यहां पहले भी कई वाहन नाले में गिर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए।