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रजबहे में पानी नहीं, किसान कैसे करें खेत का पलेवा

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रजबहे में पानी नहीं, किसान कैसे करें खेत का पलेवा
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जानीखुर्द। किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां इस बार कम बारिश हुई, वहीं दूसरी ओर रजबहों में पानी न आने की वजह से किसान खेतों की पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। रजबहे में पानी न आने से खेतों में खड़ी फसल सूखने लगी है। जिससे किसान खासे परेशान हैं। किसानों ने रजबहों में जल्द पानी छोड़ने की मांग की है।
दशहरा पर्व पर एक माह के लिए गंगनहर को बंद किया गया था। इस दौरान गंगनहर से निकलने वाले रजबहों और माइनरों की सफाई का काम होना था। दिवाली पर गंगनहर में पानी आ गया, लेकिन रजबहों में पानी नहीं छोड़ा गया है। फसल की बुआई के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता है। समय पर पलेवा न होने से किसानों को गेहूं, सरसों व चने की बुआई पिछड़ने का डर सता रहा है। इस बार बारिश कम होने की वजह से खेतों में नमी नहीं है। फसल बुआई के समय पर पानी की सख्त जरूरत होती है, लेकिन नहरों में पानी नहीं आने की वजह से किसान परेशान हैं। वहीं जिन खेतों में गेेहूं की फसल की बुआई हो चुकी है, अ उनकी सिंचाई करनी है। यदि समय पर पानी नहीं दिया गया तो फसल सूख जाएगी।
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बाफर निवासी किसान नरेंद्र के अनुसार उन्हें आठ बीघा गेहूं की बुआई करनी है। लेकिन रजबहे में पानी न आने के कारण परेशानी हो रही है। निजी संसाधनों से खेत की सिंचाई करना महंगा पड़ रहा है।
गांव टीकरी निवासी राकेश शर्मा का कहना है कि रजबहे में पानी जल्द नहीं आया तो गेहूं की बुवाई का महत्वपूर्ण समय हाथ से निकल जाएगा।
सिंचाई विभाग के जिलेदार रवि के अनुसार रजबहों की सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। दो-तीन दिन में रजबहों में पानी छोड़ दिया जाएगा।
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