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मुस्लिम समुदाय के विद्वानों ने माना, पूरी दुनिया में आतंकवाद फैला है

Mon, 19 Dec 2016 01:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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चैंबर आॅफ काॅमर्स रोडवेज में मौजूद मुस्लिम समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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मुस्लिम समुदाय के उलेमा एवं विद्वानों ने कहा है कि पूरी दुनिया में आतंकवाद फैला है, जिसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं, बल्कि इस्लाम तो इंसानियत का पैगाम देता है। रविवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में आयोजित जमियत अहले हदीस कांफ्रेंस में सऊदी अरब से आये प्रोफेसर शेख फरावी ने आतंकवाद के मुद्दे पर विचार रखे। कहा कि इस्लाम आतंकवाद के खिलाफ है। उसे इस्लाम से नहीं जोड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुसलमानों के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद साहब ने आपस के छोटे-छोटे झगड़ों को मना किया तो फिर इस्लाम का आतंकवाद से क्या लेना-देना। जो लोग मुसलमानों पर दहशतगर्दी के आरोप लगाते हैं, वे पहले अपना खुद आंकलन करें। 
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जमियत अहले हदीस के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना असगर अली इमाम मेहंदी ने कहा कि भारत की आजादी में मुसलमानों की अहम भूमिका रही। देश की खातिर उनके बलिदान को सदैव याद किया जाएगा। इटावा से आए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना जराजिस ने कहा कि मदरसों को शक की नजर से नहीं देखना चाहिए। मदरसे खुली किताब की तरह हैं। कोई भी इन्हें आकर देख सकता है। उन्होंने बताया कि मदरसे इंसानियत का पैगाम देते हैं। इसलिए मदरसे दहशतगर्दी की नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे की मिसाल हैं। मौलाना अब्दुल माली ने कहा कि मुसलमान सच्चे देशभक्त हैं, जिन्होंने अपने देश भारत की आन, बान और शान के लिए कुरबानी देकर आपसी सौहार्द की मिसाल कायम की। कार्यक्रम का संचालन मौलाना हारून ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने शिरकत की।   
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