संसार में कोई भी व्यक्ति दोषरहित नहीं : प्रणम्य सागर मुनिराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 11वें दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य कमल कुमार जैन व शांतिधारा का सौभाग्य देवांश जैन, विनोद जैन, सलिल जैन पंकज जैन, आनंद जैन, अक्षत जैन को मिला।
देव, शास्त्र, गुरु व आदिनाथ भगवान के पूजन और तीर्थंकरों पर 48 अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। शुक्रवार को 111 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
गुरुवर 108 प्रणम्य सागर मुनिराज ने कहा कि स्वयं के दोषों को देखना आवश्यक है। संसार में कोई भी व्यक्ति दोषरहित नहीं है। सबसे पहले स्वयं के दोषों को देखो और उन्हें दूर करने का प्रयास करो। हम दूसरों से अच्छे व्यवहार की अपेक्षा करते हैं तो स्वयं भी अच्छा व्यवहार करना होगा। कुछ अच्छा चाहिए तो अच्छे कर्म करने होंगे। आज के विधान का विसर्जन ब्रह्मचारी चंदन व नरेंद्र जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन विजय कुमार जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन कमल जैन तथा चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन चंचल जैन, पलक जैन ने किया। अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, राजेंद्र जैन, मोतीलाल जैन, शशांक जैन, वैजयंत सारू, जितेंद्र कुमार जैन, विजय कुमार जैन, विपुल जैन, पंकज जैन का सहयोग रहा।