कंबल वितरण, अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था पर सख्त हुआ प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। शीतलहर के मद्देनजर निराश्रित, असहाय और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए शासन ने कंबल वितरण, अलाव जलाने और रैन बसेरों की निगरानी को और सख्त कर दिया है। एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने नगर पालिका और नगर पंचायत के सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में राहत कार्यों की पूरी जानकारी आपदा प्रहरी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अनिवार्य रूप से फीड की जाए।
बताया गया कि पूर्व में शीतलहर के दौरान राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा वेबेक्स के माध्यम से ऑनलाइन निगरानी की गई थी। इस दौरान कई तहसीलों में अलाव और रैन बसेरों की रिपोर्टिंग में लापरवाही सामने आने पर नाराजगी जताई गई थी। निर्देशों के अनुसार आपदा प्रहरी एप के माध्यम से अलाव स्थलों का सत्यापन केवल सुबह 5:00 बजे से 10 बजे तक और शाम 6:00 बजे से 10 बजे के बीच ही किया जा सकता है। इस निर्धारित समय में नए अलाव स्थल जोड़े नहीं जा सकेंगे। वहीं, जिन अलाव स्थलों का सत्यापन सुबह और शाम दोनों समय किया जाएगा, वही पूर्ण रूप से सत्यापित माने जाएंगे। किसी एक समय में कम सत्यापन होने पर पोर्टल पूरे दिन की न्यूनतम संख्या ही दर्शाएगा।इसके अलावा रैन बसेरों में प्रतिदिन ठहरने वाले लोगों की संख्या की फीडिंग भी रोजाना नियमानुसार कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसीलदार ज्योति सिंह ने बताया कि राहत आयुक्त के आदेशों के अनुपालन में कंबल वितरण, अलाव जलाने और रैन बसेरों से संबंधित सूचनाएं समय पर एप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।