मेरठ। एमएसएमई इकाइयों को ऋण सुविधा दिलाने के उद्देश्य से रोडवेज चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में एक विशेष वार्ता आयोजित हुई। इसका विषय व्यावसायिक घरानों और पेशेवरों को ऋण तथा सहायता बढ़ावा देने के लिए नवीनतम सरकारी पहल था। यह वार्ता वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच हुई।
कार्यक्रम में कैनरा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने चैंबर सदस्यों को केंद्र सरकार की नवीनतम ऋण योजनाओं की जानकारी दी। चैंबर अध्यक्ष विपिन अग्रवाल ने बताया कि पहले से ऋण ले चुके व्यापारिक प्रतिष्ठान लाभ उठा सकते हैं। यह लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। सरकार इस योजना के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अतिरिक्त ऋण के लिए नई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी होगी। पहले से बंधक रखी गई संपत्ति के आधार पर ही अतिरिक्त ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
पूर्व उपाध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि निजी बैंकों की कई योजनाएं उद्योगों के लिए लाभकारी होंगी। महामंत्री शुभेंद्र मित्तल ने उद्योगपतियों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। इससे उद्योगों को नई गति मिल सकेगी। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष एडवोकेट कमल भार्गव ने किया। इस अवसर पर कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।