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टेंपो यूनियन के प्रधान द्वारा आग लगाने पर दरोगा पर मुकदमा

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मेरठ। टीपीनगर में दरोगा राजदेव पूनिया के उत्पीड़न से तंग आकर टेंपो यूनियन के प्रधान अश्विनी लोधी द्वारा आत्मदाह का प्रयास करने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी खाकी पर उत्पीड़न और बेइज्जती करने के आरोप लगते रहे हैं। 18 जुलाई 2019 को स्पोर्ट्स व्यापारी रंजीत सिंह ने पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर टीपीनगर थाने में घुसकर आत्मदाह कर लिया था।
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व्यापारी रंजीत का आरोप था कि पीएनबी के मैनेजर ने उसके खाते की सूचना लीक कर दी थी, जिससे कारोबार में घाटा आया था। वह कार्रवाई के लिए थाना टीपी नगर के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम ने उसे बेइज्जत कर भगा दिया था। जिससे आहत होकर रंजीत ने थाने में ही खुद को आग लगा ली थी। इसकी लपटें लखनऊ तक पहुंचने पर इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया था। छह साल पहले कंकरखेड़ा पुलिस ने पर्स चोरी का जुर्म कबूलवाने के लिए 15 साल के किशोर को जमकर पीटा था। किशोर ने आहत होकर आत्मदाह कर लिया था। कंकरखेड़ा इलाके में ही छेड़छाड़ के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर एक छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी।
खुद को सिंघम बताता था
टीपीनगर थाने में तैनात दरोगा राजदेव पूनिया खुद को सिंघम बताता था। डेढ़ माह पहले ही शिकायत पर उसे मलियाना चौकी से हटाकर इरा माल चौकी इंचार्ज बनाया गया था। 12 जनवरी को जब अश्वनी ने खुद को आग लगाई थी तो आक्रोशित परिजनों और लोगों ने थाने के सामने जाम लगाकर पुलिस से हाथापाई की थी। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया था।
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