हस्तिनापुर। झड़ाका गांव में 26 सितंबर की रात घेर का ताला तोड़कर पांच पशु चोरी किए जाने के मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पशु चोरों का सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में आक्रोश है। रविवार को दर्जनों ग्रामीण थाने पहुंचे और थाना प्रभारी से मुलाकात कर जल्द पशु बरामद करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो थाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
अनुज पहलवान के नेतृत्व में ठाकुर अमरीश चौहान, बबलू समेत दर्जनों ग्रामीण थाने पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी से मुलाकात कर कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक न तो पशुओं का पता चला और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी पशु चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीण थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया था।
ठाकुर अमरीश चौहान ने बताया कि थाना प्रभारी ने पशुओं की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आठ अक्तूबर तक का समय दिया है। निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो 9 अक्तूबर को ग्रामीणों की मौजूदगी में थाने पर धरना दिया जाएगा।
पीड़िता राजवती पत्नी ने बताया कि 26 सितंबर की रात उन्होंने घेर में पशुओं को बांधकर ताला लगाया था और घर चली गई थीं। सुबह पहुंचने पर ताला टूटा मिला और दो भैंसा, दो भैंस व एक गाय गायब थे।