52 हजार का दावा पर 22 को नहीं दे पाए एक समय का भोजन
लुधियाना से बिहार पैदल जा रहे 22 मजदूर भोजन मिलने की आस में पहुंचे थे बैजल भवन
रामा संकीर्तन मंदिर कमेटी ने क्षेत्रीय लोगों की मदद से कराई भोजन की व्यवस्था
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिला प्रशासन की सरकारी सामुदायिक रसोई से 52 हजार लोगों को भोजन कराने का दावा किया जा रहा है। इस रसोई के बाहर बृहस्पतिवार सुबह पहुंचे 22 मजदूरों को संचालन में लगे लोगों ने भोजन देने से इनकार कर दिया। ये लोग लुधियाना से पैदल चलकर बिहार जा रहे थे। इनके लिए लालकुर्ती रामा संकीर्तन मंदिर कमेटी ने भोजन की व्यवस्था कराई।
शहर में छह सरकारी रसोई संचालित हैं। इनसे 52 हजार लोगों तक भोजन पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि सच्चाई बृहस्पतिवार को उजागर हुई जब लुधियाना से पैदल चलकर बिहार निवासी 22 लोग यहां पहुंचे। बेगमपुल पर कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें बैजल भवन स्थित सरकारी रसोई में भोजन मिल जाएगा। वहां सामुदायिक रसोई में कार्यरत कुछ लोगों ने मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की परंतु भोजन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भोजन चाहिए तो सिटी स्टेशन चले जाओ। इस पर रामा संकीर्तन मंदिर समिति में प्रचार प्रमुख एवं सेवादार पंडित राजेश शर्मा ने रसोई संचालक से इन सभी 22 लोगों को भोजन देने का अनुरोध किया। राजेश शर्मा के मुताबिक भोजन देने से इनकार करने पर उन्होंने डीएम से शिकायत की।
मंदिर समिति ने कराई भोजन की व्यवस्था
लालकुर्ती श्रीराम संकीर्तन मंदिर के प्रमुख सेवादार पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों और मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों ने इन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई। ये लोग लुधियाना स्थित मंगलम प्लाईवुड फैक्टरी में कार्यरत थे। इनमें विजय, सोनू, आकाश, देबू आदि समेत अन्य लोग थे।