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Meerut: गांव में नहीं श्मशान, अंतिम संस्कार को साढ़े तीन किमी दूर या जाना पड़ता है नदी किनारे व खेत खलियान

Mon, 21 Nov 2022 08:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

ग्रामीणों को गांव में किसी की मौत होने पर साढ़े तीन किलोमीटर दूर सरसवा गांव या नदी किनारे या अपने खेत खलियान में अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के दौराला में बंशीपुरा गांव में श्मशान न होने के कारण ग्रामीणों को गांव में किसी की मौत होने पर साढ़े तीन किलोमीटर दूर सरसवा गांव या नदी किनारे या अपने खेत खलियान में अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। अधिकारियों से कई बार श्मशान बनाने की मांग की जा चुकी है। परंतु, अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है।

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दौराला विकास खंड के सरसवा गांव के माजरा बंशीपुरा में लगभग 200 परिवार रहते हैं। गांव निवासी कैप्टन आदेश गुर्जर, अजब सिंह, राजबीर सिंह, भीष्म, सतीश, अभय सिंह आदि ने बताया कि बंशीपुरा व सरसवा की दूरी लगभग साढ़े तीन किलोमीटर है। दोनों गांव का प्रधान भी एक ही है। बताया कि गांव में आज तक श्मशान का निर्माण नहीं हो सका।

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जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से श्मशान का निर्माण कराने के लिए गुहार लगाई जा चुकी है। परंतु, गांव में श्मशान का निर्माण नहीं हो सका। गांव में किसी की मौत होने पर साढ़े तीन किलोमीटर दूर सरसवा गांव या नदी किनारे या अपने खेत खलियान में अंतिम संस्कार करने जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में अधिक समस्या होती है। ऐसे में टेंट लगाकर खेतों में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। गांव में राजस्व विभाग की भूमि भी है, लेकिन श्मशान नहीं है।

अख्तियारपुर में भी नहीं था श्मशान
अख्तियारपुर गांव में श्मशान न होने के कारण पिछले वर्ष दिसंबर माह में ग्रामीणों को नदी किनारे टेंट लगाकर महिला का अंतिम संस्कार करना पड़ा था। ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। वीडियो वायरल होने के बाद जन प्रतिनिधियों ने गांव में पहुंचकर श्मशान बनवाने का आश्वासन दिया। बाद में ग्रामीणों ने स्वयं चंदा इकट्ठा कर श्मशान बनवाया।

किया जा रहा प्रयास
बंशीपुरा में श्मशान का निर्माण कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। यहां, खत्तों की जमीन पड़ी है। शासन यदि खत्तों की भूमि पर श्मशान बनानेे की अनुमति दे देगा तो जल्द निर्माण करा दिया जाएगा। -सेबी रिजवी, प्रधान, गांव सरसवा
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