फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएमसी बिल : फिर हो सकता है विरोध

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के विरोध में बुधवार सुबह छह बजे शुरू की गई हड़ताल बृहस्पतिवार सुबह छह बजे खत्म हो गई। आईएमए के चिकित्सकों ने सुबह अपनी ओपीडी की और निजी अस्पतालों में मरीजों का उपचार किया गया। हालांकि इस बिल का फिर से विरोध करने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, मेडिकल की पढ़ाई कर रहे रेजिडेंट डॉक्टर चेतावनी दे चुके हैं कि यदि बिल में सुधार नहीं होता है तो वह आंदोलन कर इमरजेंसी सेवाएं भी बंद रखेंगे।
विज्ञापन

रेजिडेंट चिकित्सकों ने पोस्ट कार्ड पर लिखकर अपना विरोध प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजा है। साथ ही आगे की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया। मेरठ डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) तथा फोर्डआ (यूपी) के संयुक्त अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध शुरू कर दिया है। यदि बिल में सुधार नहीं हुआ तो वह भी विरोध करेंगे। एनएमसी बिल के विरोध में बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सकों ने चिकित्सा सेवाएं बंद रखी थीं। सिर्फ निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की इमरजेंसी सेवाएं खुली थीं। बाकी चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे मरीजों को परेशानी हुई। बिल के विरोध में डॉ. अनिल नौसरान ने भूख हड़ताल की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें