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मरकज निजामुद्दीन धार्मिक जलसे में शामिल जमाती प्रशासन के लिए बने चुनौती, जनता के लिए खतरा, तलाश में जुटी पुलिस

Tue, 31 Mar 2020 02:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पुलिस करती प्रशासन व पुलिस टीम। - फोटो : amar ujala
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मेरठ में कोरोना वायरस के 19 केस मिलने के बाद पहले ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची थी। वहीं मेरठ के मवाना क्षेत्र में मस्जिद से पकड़े गए विदेशी जमातियों के निजामुद्दीन में जलसे में शामिल होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। मेरठ में एसएसपी ने पूरे जिले में थानेदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थलों में आने वाले जमातियों की तलाश करें।

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मंगलवार को इंटेलिजेंस के इनपुट पर परतापुर पुलिस ने 14 जमाती पकड़े हैं। ये लगातार तीन तारीख से काशी में रुके हुए थे और अलग- अलग मस्जिदों में नमाज पढ़ रहे थे। जनता कर्फ्यू के बाद ये लोग देहात क्षेत्र के कांशी में एक मौलाना के घर पर ठहरे हुए थे। इसकी सूचना पर परतापुर पुलिस मौके पहुंची और इन सभी 14 लोगों को उसी मकान में आइसोलेट कर दिया। सीओ ब्रहमपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दे दी गई है। ये सभी नेपाल, महाराष्ट्र व बिहार के निवासी है।

जमात में आए विदेशी लोग और यहां से दूरदराज गए जमात में लोगों को लेकर खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। सभी की रिपोर्ट मांगी जा रही है, जो लोग बाहर से हमारे यहां जमात पर आए हैं। उनकी ने सूचना देने पर कार्रवाई भी की जा रही है। मेरठ, शामली, बागपत, सहारनपुर समेत सभी जिलों में जमातियों की तलाश की जा रही है।
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निज़ामुद्दीन मरकज़ गए हुए 19 जिलों के 157 लोगों की एक लिस्ट जारी होने के बाद पुलिस प्रशासन ने अपने-अपने क्षेत्रों से शामिल होने वाले लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस इनके परिवार के लोगों से भी संपर्क कर रही है। उधर, सुन्नी धर्मगुरु मौलाना ख़ालिद रसीद फिरंगी महली ने निजामुद्दीन मरकज़ में शामिल हुए लोगों से खुद अपनी जानकारी देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच हो।

मेरठ में एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि निजामुद्दीन में हुई जमात में मेरठ से आठ लोग गए थे। एक जमाती वापस आया, जिसे क्वारंटीन कर लिया गया है। बाकी सात लोग अभी दिल्ली में ही हैं। इनमें मेरठ से सटे सरधना, मवाना, व परीक्षितगढ़ से निजामुद्दीन गए थे।

सरधना क्षेत्र की मोहल्ला आजाद नगर की मस्जिद में जो छह जमात के लोग मिले हैं। वह इंडोनेशिया के रहने वाले हैं जिनकी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पूर्व में भी जांच की जा चुकी हैं, लेकिन अब यह जानकारी सामने आने पर कि दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज में यह विदेशी जमात के लोग वहां पर ठहरे थे, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।

सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि निजामुद्दीन की मरकज में जो जमात के लोग ठहरे थे। उनमें यह लोग भी शामिल थे वहीं जमात के जिन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई उसमें छह लोगों की मौत भी हो चुकी है

उधर, बिजनौर प्रशासन ने निजामुद्दीन तब्लीगी जमात में बिजनौर से जाने वाले लोगों को खोजना शुरू कर दिया है। 

शामली से 12 बांग्लादेशी व असम की दो जमातों में आए 14 जमाती पकड़े
कस्बा झिंझाना में त्रिपुरा से आई तब्लीगी जमात के 14 लोगों को दो मकानों में अलग-अलग क्वारंटीन किया गया है। उन्हें 14 दिन तक घर में रहने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह-शाम उनकी निगरानी कर रही है।

कस्बा झिंझाना में लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी कि त्रिपुरा से तब्लीगी जमात में कुछ लोग आए हुए हैं जो मोहल्ले में घूम रहे हैं। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस की मदद से जमात में आए सभी 14 लोगों को पकड़ लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की मेडिकल जांच की। फिलहाल जांच में सभी लोग स्वस्थ पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सात-सात लोगों को दो मकानों में निश्चित दूरी पर क्वारंटीन में रखा है। 

मकानों के बाहर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टर चस्पा कर लोगों को सतर्कता बरतने और त्रिपुरा से आए लोगों से संपर्क न करने की सलाह दी गई है। ऊन ब्लाक के चिकित्सा प्रभारी डाॅ. लेखराम ने बताया कि त्रिपुरा से तब्लीगी जमात में आए 14 लोगों को दो मकानों में अलग-अलग कमरों में रखा गया है।

फिलहाल सभी लोग स्वस्थ हैं। बताया गया कि तब्लीगी जमात 19 मार्च को दिल्ली होते हुए झिंझाना में एक मस्जिद में पहुंची थी। उनके आने की पुलिस प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई। कई दिन तक रहने के बाद जमात जब दूसरे मोहल्ले में गई, तब जाकर लोगों को उनके बारे में जानकारी हुई।

सीओ अमित सक्सेना ने बताया कि यह जमाती 18 मार्च को आए थे। स्वास्थ विभाग की जांच में इन्हें कोई गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं। अब इन सभी लोगो को 14 दिन तक मस्जिद में ही रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही आसपास के लोगो को भी इनसे दूर रहने की हिदायत दी गई है। पुलिस मामले में आगे की कारवाई में जुटी है। 
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सहारनपुर जनपद में भी मचा हड़कंप,  देवबंद  इंडोनेशिया के 12 जमातियों को किया क्वारंटीन
दिल्ली में धार्मिक जलसे से लौटे लोगों में कोरोना के संक्रमण की सूचना के बाद सहारनपुर जनपद में भी हड़कंप मचा रहा। देवबंद में स्क्रीनिंग से पहले ही दो लोग भाग निकले। कोरोना सर्विलांस टीमों ने देवबंद से लेकर जिले के बड़गांव, नानौता, रामपुर मनिहारन के अलावा शहर की कई मस्जिदों में छानबीन की गई।

देवबंद के राज्जूपुर गांव में रह रहे इंडोनेशिया के 12 जमातियों को जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन किया गया है। बताया गया कि 21 मार्च से ये गांव में रह रहे थे। इनके अलावा 13 लोग साखन गांव से जांच के लिए लाए गए। ये सभी आसाम में रहकर मजदूरी करते थे। देवबंद के शहरी क्षेत्र में भी चार लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जबकि दो भाग गए।  

इनमें 150 से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई है। कोरोना सर्विलांस टीमों के अलावा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सभी लोगों को घरों में रहकर सेल्फ क्वारंटीन रहने की हिदायत दी है। टीमों के कुछ सदस्यों के अनुसार देवबंद और बड़गांव में पैनी नजर रखी जा रही है।

सीएमओ डाक्टर बीएस सोढ़ी का कहना है कि सूचनाओं की आधार पर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सर्विलांस टीमों ने एक सप्ताह पहले ही शहर की मस्जिदों में मिले कजाकिस्तान और सूडान सहित अन्य क्षेत्रों के 62 लोगों की स्क्रीनिंग की थी। हालांकि टीमों ने दावा किया था कि ये संक्रमित नहीं पाए गए। बड़गांव और नानौता क्षेत्र में कुछ लोगों की 22 फरवरी से आवाजाही की सूचनाएं टीमों को मिली है।  

इधर, डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि अभी तक मंडल में 39 लोगों के दिल्ली की तबलीगी जमात में शामिल होने की जानकारी मिली है। छानबीन जारी है। एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि पुलिस टीमें सर्विलांस टीमों के साथ सर्वे कर रही है। तीन दिन पहले ही अमर उजाला विदेश से आने वालों और जमात में शामिल होने वाले लोगों की निगरानी में चूक को उजागर किया था।
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