सीएम की सख्ती के बाद नगर निगम प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गया है। नगरायुक्त ने सोमवार को सिविल लाइन क्षेत्र का निरीक्षण किया तो 27 सफाई कर्मचारी नदारद मिले।
नगरायुक्त ने सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर नए सफाई कर्मचारी तैनात करने के निर्देश कंपनी को दिए हैं। इतना ही नहीं सफाई निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि और सूरज कुंड डिपो प्रभारी को चेतावनी भी दी। अगर 12 घंटे के अंदर वार्ड की सफाई नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में सभी नगरायुक्तों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया था। जिसका असर मंगलवार को शहर में दिखा। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान सुबह साढ़े आठ बजे सिविल लाइन क्षेत्र का निरीक्षण करने निकल पड़े। उन्हें कचहरी परिसर में कोई सफाई कर्मचारी नहीं मिला।
सुबह दस बजे तक 27 आउट सोर्स सफाईकर्मी काम से नदारद मिले। इतना ही नहीं जगह-जगह गंदगी के ढेर मिलने पर नगरायुक्त ने कार्रवाई की। सफाई निरीक्षक रवि कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि और एक का वेतन काटने का आदेश दिया। रोड पटरी पर गंदगी मिलने पर सूरजकुंड वाहन डिपो प्रभारी को चेतावनी दी।
दो माह पहले देनी होगी छुट्टी की अर्जी
जिन सफाई कर्मियों की लगातार चार दिन तक बायोमेट्रिक हजारी नहीं होगी, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं छुट्टी पर जाने के लिए दो माह पहले नगरायुक्त कार्यालय में अर्जी देनी होगी। शासन और प्रशासन की सख्ती से माना जा रहा है कि अब ऐसे सभी सफाई कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ सकती है, जो काम की जगह नेतागिरी करते हैं। उन सफाई कर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है शहर या दूसरे शहरों में प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। जबकि निगम रिकार्ड में भी नौकरी करते दर्शाए गए हैं।
स्थाई और आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मचारियों को अपने क्षेत्र में सफाई, प्रतिदिन बायोमेट्रिक हाजिरी और आठ घंटे काम करना ही होगा। जो कर्मचारी काम नहीं करेगा, उसे नौकरी से निकाला जाएगा। नौकरी पर रखने और उनको निकालने की पूरी जिम्मेदारी आउट सोर्स कंपनियों की है। हम ऐसे सफाई कर्मचारियों की सूची कंपनियों को भेजेंगे। 27 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की सूची कंपनी को भेज दी गई है। काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को हम सम्मानित भी करेंगे। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।