नगर निगम में धरना देना और नारेबाजी का मामला लखनऊ तक पहुंच गया। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एसओ देहलीगेट को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निगम में पहुंचे मेयर पति योगेश वर्मा से भी एसओ की तीखी नोंकझोंक र्हुई।
कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव और पुनरीक्षित बजट की बैठक के मामले को लेकर तीन दिन से नगर निगम में बसपा और सपा पार्षदों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसमें आरोप है कि बाहरी व्यक्ति धरने पर बैठकर हंगामा कर रहे हैं। शुक्रवार को निगम परिसर में चिकन बिरयानी की दावत का मामला लखनऊ तक जा पहुंचा। इस मामले में पुलिस अफसरों को फटकार लगी तो एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता निगम कार्यालय पहुंचे। एसओ ने कहा कि जो पार्षद हैं उन्हीं को निगम परिसर में धरना देने का अधिकार है। महापौर पति योगेश वर्मा ने कहा कि धरना देना लोकतंत्र का अधिकार है पुलिस धरना देने में हस्तक्षेप न करे। इस पर एसओ भड़क गए और कहा कि कानून व्यवस्था का काम पुलिस का है। यदि किसी ने कानून तोड़ा तो पुलिस जेल भेज देगी। इस दौरान योगेश वर्मा और एसओ में नोंकझोंक हुई। पुलिस की सख्ती देखकर कुछ बाहरी लोग चलते बने। एसओ ने योगेश वर्मा से कहा कि आप माहपौर पति हैं, आप भी बाहरी लोगों में आते हैं। इस पर योगेश वर्मा चुप्पी साध गए। वहीं एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने कहा कि निगम परिसर में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। किसी ने भी अराजकता करने की कोशिश की तो पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।