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शामली में एनआईए और एटीएस का डेरा

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दरभंगा ब्लास्ट : एनआईए और एटीएस ने शामली में डेरा डाला
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मेरठ। दरभंगा ब्लास्ट मामले में एनआईए और एटीएस बारीकी से छानबीन कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कैराना से पकड़े गए सलीम उर्फ टुइया और कासिम से पूछताछ करने के बाद एनआईए-एटीएस ने शामली में डेरा डाल दिया है। बताया गया कि दोनों युवकों ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इनके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां आगे की पड़ताल कर रही हैं। कैराना में कितनी फंडिंग की गई, इसका पता लगाने का प्रयास चल रहा है। दोनों युवकों के बैंक अकाउंट की जानकारी ली जा रही है।
17 जून को बिहार के दरभंगा ब्लास्ट का कनेक्शन शामली के कैराना के दो युवकों सलीम टुइया और कासिम जुड़ा है। इसे लेकर एनआईए और एटीएस की टीम दोनों युवकों को हिरासत में लेकर जांच में जुटी है। बताया गया कि सलीम टुइया से पाकिस्तान की फातिमा फोन पर लंबी बातें करती थीं। इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों ने जुटा ली है। कैराना के कौन कौन लोग पाकिस्तान से जुड़े हैं, इसका पता लगाने का भी प्रयास चल रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों युवकों ने पूछताछ में कई जानकारी दी है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने शामली में डेरा डाल दिया है और कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने की कोशिश जारी है।
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पाकिस्तान से करोड़ों की फंडिंग
सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों युवकों के बैंक अकाउंट की जांच की है। इसमें पता चला कि पाकिस्तान से करोड़ों रुपये की फंड़िंग हुई है। दोनों युवकों के अलावा कैराना के कई युवक के बैंक में पैसा आने की बात कही गई है। पुलिस दावा कर रही कि सलीम और कासिम के अलावा भी कैराना के कई युवक पाकिस्तान से जुड़े है। उनको भी जल्द सुरक्षा एजेंसियों पकड़ सकती है।
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शामली के कई लोग हो सकते हैं बेनकाब
एनआईए और एटीएस की पड़ताल में शामली के कई लोग बेनकाब हो सकते हैं। दरभंगा ब्लास्ट से पहले पाकिस्तान में सलीम की बात हुई है। किस-किस से क्या बात हुई, इसका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस जांच में कई अन्य लोगों के सामने आने की संभावना जताई गई है।
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