सरधना। मेरठ-करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग के भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल पर हमले के बाद की गई तोड़फोड़ और कर्मियों से मारपीट के मामले में अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पुलिस और प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एनएचएआई के प्रबंधक तकनीकी अंकित आनंद की ओर से डीएम और एसएसपी को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया कि 17 अगस्त देर शाम सेना के जवान कपिल के साथ टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों का विवाद हुआ था। इसके बाद 18 अगस्त को भीड़ ने टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ की और टोलकर्मियों से मारपीट कर शुल्क वसूली बंद करवा दी। तोड़फोड़ में सीसीटीवी, एलईडी डिस्प्ले, कंप्यूटर सिस्टम, एसी यूनिट, फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए थे।
टोल प्लाजा पर 19 अगस्त तक कोई भी स्टाफ तैनात नहीं था और एजेंसी संचालन बहाल करने में असमर्थ रही। इस मामले में असफल प्रबंधन के लिए एनएचएआई ने एजेंसी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 15 जनवरी 2025 के अनुबंध को समाप्त कर नई कंपनी के नाम टेंडर जारी किया है।
तकनीकी प्रबंधक अंकित आनंद ने कहा कि एनएचएआई इस मामले में पुलिस और प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि अभी तक एनएचएआई की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।