सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त वर्चुअली और अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाए गए पांच करोड़ रुपये के अर्थदंड के मुद्दे पर डीएम डॉ. वी.के. सिंह की ओर से जानकारी दी गई कि इसे लगाने वाले अधिकारी ने ही फिलहाल स्थगित कर दिया है।
एनजीटी ने साफ चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कड़े आदेश जारी किए जाएंगे। अदालत का रुख देखते हुए नगर निगम ने कहा है कि अगले छह सप्ताह में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे और लोहियानगर पर निर्भरता कम की जाएगी।
शहर में बढ़ते प्रदूषण, खुले में डंपिंग और कचरे के पहाड़ को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। एनजीटी की निगरानी में अब निगम पर दबाव बढ़ गया है कि वह समयसीमा के भीतर वास्तविक और नजर आने वाले सुधार करे।