मेरठ। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय स्थित बृहस्पति भवन में शनिवार सुबह निगम की बोर्ड बैठक में मूल बजट पर भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ और वार्ड-76 की विपक्ष महिला पार्षद कहकशां ने सवाल उठा दिए हैं। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि नगर निगम के अफसर गृहकर की वसूली करने में फिसड्डी हैं। अगली बार निगम अफसर 200 करोड़ गृहकर से लाएंगे, तभी शहर ज्यादा चमकेगा। 29 मार्च को कार्यकारिणी के बाद गहमागहमी के बीच सदन में पार्षदों ने निगम का 1525 करोड़ का बजट पास कर दिया। दावा यह है कि इस बजट में स्ट्रीट लाइट के लिए आठ करोड़, जलकल में सात करोड़ बढ़ाकर कई विकास कार्यों में खर्च करने की धनराशि दी है।
नगर निगम की बोर्ड बैठक में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव ने महापौर और नगर आयुक्त की अनुमति से मूल बजट पार्षदों के समक्ष पढ़ा। गृहकर में 90 करोड़ रुपये से बढ़ाकर आय 110 करोड़, विज्ञापन में पांच करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़, स्टांप शुल्क में पांच करोड़ की वृद्धि, कूड़ा कलेक्शन में यूजर चार्जेज में छह करोड़ सहित कई विभाग में आय बढ़ाना बजट में रखा गया। जिस पर वार्ड-63 के भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ ने विज्ञापन, रोड कटिंग, आरडीएफ की ब्रिकी सहित कई मामलों में सवाल उठाए। वार्ड-76 विपक्ष की पार्षद कहकशां ने नगर निगम अधिनियम 152 का हवाला देकर अंग्रेजी भाषा में वित्तीय हानि पर चर्चा शुरू कर दी। सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ। सदन में गहमागहमी का माहौल बन गया था। 2 बार पार्षदों ने सदन में खड़े होकर बजट पास करने की बात कहीं, लेकिन महापौर और नगर आयुक्त ने चर्चा जारी रखी।
महापौर ने कहा कि गृहकर वसूली में नगर निगम की अच्छी भूमिका नहीं रही। महानगर में जीआईएस सर्वें में 4.49 लाख भवन चिंह्नित किए थे। प्लाट और कुछ कच्चे मकानों को छोड़ दें, फिर भी 3.25 भवनों से गृहकर की वसूली होनी चाहिए। नगर निगम सिर्फ 1.44 भवनों से ही 88 करोड़ की गृहकर वसूली कर पाया है। निगम अफसर गृहकर वसूली पूरी करें तो 200 करोड़ से पार धनराशि नगर निगम को मिल जाएगी। जिससे शासन से विकास कार्यों के लिए पैसा भी आएगा और शहर भी चमकेगा। भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता उर्फ काले ने एनजीटी और कोर्ट में निगम के चल रहे मुकदमों पर चर्चा की। कहा कि निगम की ओर से जो वकील को मुकदमा लड़ते हैं, वह कमजोर पैरवी करते हैं। इसके चलते निगम हर बार हार जाता है। निगम पर कई बार जुर्माना तक लग चुका हैं। वकील को तुरंत बदला जाए।
वकील की पत्नी कोर्ट में लड़ती हैं मुकदमा
पार्षद ने आरोप लगाया है कि निगम के वकील अपनी जगह पत्नी को हाईकोर्ट भेजते हैं। जिसके चलते मुकदमा निगम बार-बार हार जाता है। अधिकारियों को तलब किया जाता और निगम को जुर्माना झेलना पड़ता है। महापौर ने पार्षद को अगली बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात की। पार्षद बोले, बैठक तभी खत्म होने दूंगा, जब वकील को हटाने का प्रस्ताव पास करोगे। जिस पर सदन में प्रस्ताव पास कराया गया।
कल फिर बैठक, वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव रखेंगे
नगर निगम की जनरल बोर्ड बैठक कल यानि सोमवार को होना बताया गया है। जिसमें वन नेशन वन इलेक्शन का प्रस्ताव रखने की चर्चा भाजपा पार्षदों के बीच रही। इस बैठक में महानगर से जुड़ी समस्या और विकास कार्यों पर चर्चा कराने की बात महापौर ने कही है। बताया है कि चूना घोटाला, वाहन डिपो सहित कई विवादित मामलों में पार्षद चर्चा करेंगे। निगम से कई पत्रावली गायब है, इसके बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
दो बार बजट पास करने उठे पार्षद
मूल बजट को लेकर भाजपा पार्षद ही चर्चा करने लगे। इसको लेकर सदन में मौजूद अन्य पार्षद दो बार उठे और बजट पास करने का एलान कर दिया। इसके बावजूद भी महापौर ने चर्चा बंद नहीं की। मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी ने भी बजट पर चर्चा करने पर सहमति जताई। भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका, दीपक वर्मा, संजय सैनी ने महापौर से कहा कि जब कार्यकारिणी में बजट पास हो गया तो अब चर्चा क्यों हो रही है। नगर आयुक्त की पत्नी को सुबह 10 बजे पुत्र की प्राप्ति हुई हैं, जिसकी जानकारी मिलने पर पार्षदों ने बधाई दी। सदन में मिठाई भी बांटी गई।
वेंडिंग जोन के लिए पहुंचे लोग
चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के पास कई खोखे अवैध बताकर निगम द्वारा अतिक्रमण अभियान चलाया गया। वहां पर वेंडिंग जोन बनाकर दुकान आवंटित करने की बात कहीं थी। निगम की बैठक में खोखे वाले पहुंच गए और महापौर से गुहार लगाई कि उनको वेंडिंग जोन में दुकान आवंटित की जाए।
इकरार अहमद......सीसीएसयू के बृहस्पति भवन में नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में बोलते महापौर और नगर
इकरार अहमद......सीसीएसयू के बृहस्पति भवन में नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में बोलते महापौर और नगर