महिला ने शोर मचाया तो ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर डायल 100 के साथ ही बाबरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
इस दौरान ग्रामीणों ने बच्चे को घर ले जाकर उसका उपचार कराने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस ने नवजात बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया और उसे लेकर थाने पहुंचे। इसके बाद थानाध्यक्ष नेमचंद तत्काल बच्चे को लेकर शामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया।
बाबरी थानाध्यक्ष नेमचंद सिंह ने बताया कि गांव कैड़ी में खेत में नलकूप के निकट लावारिस हालत में नवजात बच्चा मिला था, जिसे तत्काल शामली अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने बच्चे की हालत ठीक बताई है। उधर, नवजात बच्चे को लेकर गांव और क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं रही। माना जा रहा है कि नवजात को कुछ समय पहले ही वहां रखा गया था।
नवजात बच्चे को लेने कई दंपत्ति पहुंचे
गांव कैड़ी में नवजात शिशु के लावारिस हालत में मिलने की सूचना बाबरी क्षेत्र में फैल गई। नवजात को गोद लेने के लिए पांच-छह दंपत्ति बाबरी थाने पहंचे। उन्होंने थानाध्यक्ष के सामने बच्चे को गोद लेने का प्रस्ताव रखा। थानाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि बच्चे को गोद लेने प्रक्रिया जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। शामली अस्पताल पर भी कई दंपत्ति नवजात को गोद लेने के लिए पहुंचे थे।
जरा भी देर हो जाती तो कुत्ते नोंच देते
कैड़ी गांव में जिस समय नवजात बच्चे को झाड़ियों के निकट महिला को देखा तो उसी समय दो कुत्ते भी पहुंच गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो गांव में घूमने वाले आवारा कुत्ते उसे नोंचकर खा सकते थे। समय रहते उसके रोने की आवाज सुनाई देने पर उसकी जान बच गई।