उन्होंने बताया कि वह सोमवार से कुलपति का चार्ज संभालेंगे। उनकी सबसे पहले प्राथमिकता कृषि विवि में खाली पड़े पदों को भरना है। बिना पद भरे कार्य नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह विवि को प्रतिवर्ष मिलने वाले 75 लाख रुपये के फंड को बढ़ाने का प्रयास करेंगे। पिछले 20 वर्षो से विवि को 75 लाख रुपये का फंड मिलता आ रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह फंड काफी नहीं है।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा कर्मचारियों, शिक्षकों की जो भी समस्याएं होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारा जाएगा और किसानों के प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाएगा। किसानों के हित में काम किया जाएगा, साथ ही विश्वविद्यालय को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए सभी को साथ लेकर काम किया जाएगा।