इनमें शरद की मां के खाते में 15 माह में 86.62 लाख, शरद की पत्नी के खाते में 15 माह में 1.84 करोड़, शरद के एक खाते में 12 माह में 62.46 लाख तो दूसरे खाते में 15 माह में 1.43 लाख का लेनदेन हुआ। पुलिस के अनुसार इन चारों खातों में 15 माह में 3.34 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन सामने आ चुका है।
पुलिस के अनुसार यह गैंग पूरे देश से चोरी और लूट के मोबाइल एक जगह इकट्ठा करता था। उसके बाद 100-100 मोबाइल फोन का कंसाइजमेंट दूसरे राज्यों और विदेशों में भेजा जाता था। इनमें दुबई, चीन, बैंकाक और नेपाल सहित दूसरे देशों में शरद के एजेंट बैठे हैं। जो इन मोबाइल फोन का पैसा शरद के बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। बड़ा सवाल ये है कि क्या ये कंसाइजमेंट रोजाना भेजा जाता था या सप्ताह में एक बार।
या फिर इन मोबाइल फोन के कंसाइजमेंट की आड़ में इससे भी बड़ा कोई काला धंधा किया जा रहा था। ये भी सामने आया है कि शरद ने काफी बड़ी मात्रा में सोना जमा कर रखा था। वह शेयर बाजार का भी बड़ा खिलाड़ी बताया गया।
उसके पास लाइसेंसी हथियार भी हैं। यही नहीं शरद जरायम से कमाए करोड़ों रुपयों से मेरठ में 2500 गज में थ्री स्टार होटल भी बनवा रहा है। पुलिस अधिकारियों का यही कहना है कि इस संबंध में अभी जांच कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है।
सीए के जरिये फैलाया नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक शरद ने पूछताछ में बताया कि एक सीए के जरिये उसका नेटवर्क फैला है। बैंक खाते खुलवाने और लेनदेन की जिम्मेदारी सीए को सौंपी गई थी। विदेशों में चोरी और लूट के मोबाइल बेचकर पैसा अपने खातों में आता था।
बैंकों को क्या बताना है और आयकर विभाग से कैसे बचा जा सकता है, इसकी जिम्मेदारी सीए की थी। लेकिन शरद ने सीए का नाम नहीं बताया। जीएसटी, इनकम टैक्स समेत कई विभागों को इसकी जानकारी दी गई है।