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मेरठ सामूहिक हत्याकांड में नया खुलासा: मोईन ने की थीं तीन शादी, तीसरी पत्नी आसमा भी थी शादीशुदा... खुले और राज

Fri, 10 Jan 2025 11:22 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मोईन सात भाइयों में तीसरे नंबर का था। मोईन के सलीम, अनीस, कलीम, तसलीम, मोमिन, अमजद भाई हैं। एक मामले में अमजद हरिद्वार जेल में बंद होना बताया गया है।
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मेरठ हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में पांच लोगों की हत्या के बारे में जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। हत्यारों ने दंपती और उनके तीन बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। मरने वालों में शामिल मोईन की तीन शादी हुई थीं। करीब 15 साल पहले उसने पहली शादी जफरा नाम की लड़की से की। एक बेटी इलमा को जन्म देने के बाद जफरा की मौत हो गई। वह बीमार रहती थी। फिलहाल बेटी अपनी बुआ के साथ किठौर में रहती है। दूसरी शादी 11 साल पहले मोईन ने नारा से की, लेकिन आए दिन के झगड़ों के बाद उसका तलाक हो गया। फिर मोईन ने आसमा से शादी की। आसमा पहले से शादीशुदा थी। उसकी पहली शादी शाहजहां कॉलोनी निवासी दीन मोहम्मद से हुई थी। मोईन और आसमा के तीन बेटियां हुईं।
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मेरठ में पांच लोगों के शव मिले - फोटो : अमर उजाला
अंदेशा, पहले मोईनुद्दीन और फिर परिवार को मार डाला
पत्थर काटने वाली मशीन से परिवार के पांचों लोगों का गला काटा गया है। मौके पर खून से सनी पत्थर काटने वाली मशीन मिली। फॉरेंसिक टीम ने मशीन को कब्जे में ले लिया है। अंदेशा जताया गया कि बदमाशों ने पहले मोईनुद्दीन की हत्या की और उसके बाद परिवार को मार डाला। पुलिस अधिकारियों ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया है। आसपास के लोगों से पुलिस ने जानकारी जुटाई कि आखिर मोईनुद्दीन और उसका परिवार आखिरी बार कब देखा था। पुलिस के पहुंचने से पहले तसलीम और मोमिन ने अपने भाई, भाभी और तीनों भतीजियों के शव देख थे।
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आसमा की गमजदा देवरानी अपने बच्चों के साथ। - फोटो : अमर उजाला
यह है मामला
सनसनीखेज वारदात में मेरठ में दंपती और उनकी तीन बेटियों की गला काटकर हत्या कर दी गई। राजमिस्त्री मोइनुद्दीन (52), पत्नी आसमां (45) और तीन बेटियों अस्सा (8), अजीजा (4) और अबीबा (1) के शव बृहस्पतिवार रात घर में डबल बेड के दोनों बॉक्सों में गठरी में बंधे मिले। पुलिस के मुताबिक राज मिस्त्री मोईन पहले जाकिर कॉलोनी में रहता था। करीब 12 साल पहले वह रुड़की में जाकर रहने लगा था। एक साल पहले उसने रुड़की में अपना मकान और प्लॉट बेचकर यहां सुहेल गार्डन में करीब 40 गज का प्लॉट लिया था। 

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इस तरह बेड पर मिले शव। - फोटो : अमर उजाला
वारदात का पता तब चला जब, मोईन के भाई तसलीम और मोमिन मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा बाहर से बंद था। तसलीम का कहना है कि मुझे अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर जाना था। डॉक्टर को दिखाने के बाद मैं शाम को मोईन के घर पहुंचा। वहीं, हापुड़ में रहने वाला आसमा का भाई शफीक भी देर रात बदहवास हालत में मौके पर पहुंचा। पहले पति से उसकी कोई औलाद नहीं थी। बहन बहनोई और बच्चों के जाने का गम पहाड़ की तरह शफीक पर टूट रहा था। मौके पर मौजूद लोग हमदर्दी लिए उसे ढांढस बंधा रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया है। आसपास के लोगों से पुलिस ने जानकारी जुटाई कि आखिर मोईनुद्दीन और उसका परिवार आखिरी बार कब देखा था। पुलिस के पहुंचने से पहले तसलीम और मोमिन ने अपने भाई, भाभी और तीनों भतीजियों के शव देख थे।
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मोइनुद्दीन का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
मोईन की तीसरी पत्नी थी आसमा, पहले पति ने नहीं था बच्चा
आसमा के भाई शफीक के मुताबिक, पहले पति से उसकी कोई औलाद नहीं थी। बहन बहनोई और बच्चों के जाने का गम पहाड़ की तरह शफीक पर टूट रहा था। मौके पर मौजूद लोग हमदर्दी लिए उसे ढांढस बंधा रहे थे।
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आसमा का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
कातिल करीबी... वजह अवैध संबंध, लूट या पारिवारिक विवाद
लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में परिवार के पांच परिजनों की नृशंस हत्या की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। एडीजी जोन, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर हत्या के कारण जानने के लिए क्राइम सीन रीक्रिएट कर कई बिंदुओं पर गहनता से मंथन किया। पुलिस हत्याकांड में करीबी का हाथ मान रही है। इसके अलावा लूट करने वाले बदमाश या मजदूरों में भी कातिल छिपे हो सकते हैं। पुलिस ने लिसाड़ी गेट के बदमाशों की भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। मोईन सहित कई मोबाइल की सीडीआर निकाली जा रही है। 
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प्लास्टिक के बोरों में मिली लाशें - फोटो : अमर उजाला
परिवार का विवाद तो नहीं 
मोईन सात भाइयों में तीसरे नंबर का था। मोईन के सलीम, अनीस, कलीम, तसलीम, मोमिन, अमजद भाई हैं। एक मामले में अमजद हरिद्वार जेल में बंद होना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक मोईन के साले हापुड़ निवासी शफीक ने बताया कि एक सप्ताह पहले चार लाख रुपये मोर्डन ने अपने भाई की जमानत के लिए दिए थे। मोईन की आसमा तीसरी पत्नी थी, जबकि असमा ने भी अपने पहले पत्ति दीन मोहम्मद को तलाक देकर मोईन से निकाह किया था। परिवार के विवाद की भी पुलिस जानकारी जुटाने में लगी है।

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मेरठ मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
इन बिंदुओं पर भी जांच
  •  पूरे परिवार को मारने वालों में कोई खास व्यक्ति रहा होगा, जिसका घर में आना जाना था।
  •  परिवार को खाने में कोई नशीली चीज दी गई हो। बेहोश होने के बाद सभी की हत्या की गई हो, इसलिए किसी की चीख नहीं सुनाई दी।
  •  हत्यारे कई लोग होंगे, जो घर में काफी देर तक ठहरे होंगे
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मेरठ मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
लाशों को ठिकाने लगाने की योजना तो नहीं थी
मकान के अंदर मोईन का शव गठरी में बंधा था। पत्नी आसमा और बड़ी बेटी का शव बेड के अंदर था। दोनों छोटी बेटियों के शवों को भी बोरी में बांधकर बेड के अंदर ही रखा था। जिस मकान में सामूहिक हत्याकांड हुआ। उसके सामने वाला मकान भी बंद है और उसके आसपास दोनों ओर खाली प्लॉट हैं।

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