पुलिस के मुताबिक, आरोपी से प्रदीप गुप्ता की नकदी और जेवरात के बारे में पूछा गया था। उसने मुंबई में एक कारोबारी के यहां पर जेवरात रखना बताया। यह बात भी सामने आई थी कि नेपाल के बदमाश के जेल जाने के बाद यह कारोबारी ही पैसा खर्च करता है और बदमाश के परिवार के लोगों को भी खर्च के लिए कारोबारी ही पैसा देता है।
लक्ष्मण का भाई फैक्टरी में करता काम
पुलिस ने बताया कि टीपीनगर के बेरीपुरा स्थित राम कटोरी वाली गली में नेपाल के कई लोग रहते हैं। वहां से थोड़ी दूरी पर ही कुख्यात बदन सिंह बद्दो का भी घर था। बद्दो के घर पर भी नेपाल के तीन लोग काम करते थे। पुलिस टीम ने राम कटोरी वाली गली में पहुंचकर नेपाल के लोगों से काफी जानकारी जुटा ली है। बताया गया है कि आरोपी लक्ष्मण का भाई परतापुर स्थित एक फैक्टरी में काम करता है और वह टीपीनगर में रहता है।
नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ाई
भाई और पत्नी से पूछताछ करने का पता चलते ही लक्ष्मण नेपाल भी भाग सकता है। इसे देखते हुए मेरठ पुलिस ने नेपाल के तीनों बॉर्डर (लखीमपुरखीरी, गोरखपुर और उत्तराखंड) पर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस की जांच में सामने आया कि नामजद तीनों आरोपियों के अलावा अन्य कई लोग लूट की वारदात में शामिल हैं।
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