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Meerut News: 5 करोड़ के नाले का न सर्वे, न तकनीकी मुआयना, पानी की निकासी पर संकट

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दिल्ली रोड पर नाले का निरीक्षण करने पहुंचे मेडा के उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त - फोटो : Samvad
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दिल्ली रोड पर पानी की निकासी की समस्या अब विकराल रूप लेती जा रही है। करीब एक लाख की आबादी वाले क्षेत्र में लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है। हैरानी की बात है कि इस समस्या के समाधान के नाम पर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने करीब पांच करोड़ की लागत से नाला तो बना दिया है, लेकिन न तो उसका समुचित सर्वे कराया गया और न ही कोई ठोस तकनीकी मुआयना किया गया। नतीजा यह है कि समस्या हल होने के बजाय और बढ़ गई है। लोगों का आरोप कि बिना योजना और बिना ग्राउंड स्टडी के नाला निर्माण कर दिया गया, इससे पानी की निकासी का रास्ता ही नहीं है। यह नाला सड़क से लगभग एक फीट ऊंचा बना हुआ है, जबकि कॉलोनियां नाले से नीचे है। ऐसे में बरसात के दौरान हालात और भी बदतर होने की आशंका है।
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दस से अधिक कॉलोनियां प्रभावित, जलभराव की स्थिति
दिल्ली रोड से सटी माधवपुरम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देवलोक कॉलोनी, ट्रांसपोर्टनगर, गुप्ता कॉलोनी समेत दस से अधिक कॉलोनियों में न केवल बारिश के समय ही बल्कि सामान्य दिनों में भी जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इसका मुख्य कारण दिल्ली रोड का पुराना नाला है, जो ट्रांसपोर्टनगर की ओर करीब 16 फीट गहरा है और अक्सर चोक रहता है। निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए नाले को चौड़ा और गहरा करने का करीब 32 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है, इस पर शासन में चर्चा चल रही हैं। मेडा ने भी दूसरी ओर करीब डेढ़ मीटर गहरा नया नाला बनवा दिया, जो व्यावहारिक रूप से कारगर साबित हो रहा है।

अधिकारियों का निरीक्षण, फिर भी समाधान अधर में
शिकायतों के बढ़ते दबाव के बाद शुक्रवार को मेडा के उपाध्यक्ष संजय मीणा और नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन के पास मौके का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने दोनों ही विभाग के इंजीनियरों से जानकारी ली और पानी की निकासी के वैकल्पिक समाधान पर मंथन किया। मेडा के इंजीनियरों ने कहा है कि शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन के आगे का पानी परतापुर की ओर बने नाले में भेजने और शताब्दीनगर से पहले का पानी ध्यानचंद नगर स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शिफ्ट करने की बात कही गई। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जनप्रतिनिधियों और लोगों में नाराजगी
भाजपा पार्षद एवं महानगर जिला मंत्री दीपक वर्मा भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और मेडा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना सर्वे और तकनीकी परीक्षण के नाला बनाना अधिकारियों की लापरवाही है। उन्होंने कहा कि अगर शताब्दी नगर से पहले का पानी ध्यानचंद नगर स्थित एसटीपी में डाला गया तो माधवपुरम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स व गुप्ता कॉलोनी जैसे इलाके बरसात में डूब जाएंगे। नगर आयुक्त और मेडा उपाध्यक्ष ने इंजीनियरों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर दिल्ली रोड की पानी की निकासी का स्थायी समाधान तैयार किया जाए।
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