मेरठ। दवाओं की जांच के लिए करीब 10 माह से प्रयोगशाला भवन तैयार है, लेकिन अभी तक न तो उपकरण आए हैं और न ही स्टाफ की तैनाती की गई है। ऐसे में काम शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रदेश में औषधि की जांच के लिए लैब की संख्या कम होने से महीनों रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में मेरठ के लखनऊ में 100 से ज्यादा सैंपल की रिपोर्ट रुकी हुई है।
औषधि नियंत्रण प्रणाली के तहत जिले की क्षेत्रीय खाद्य प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों के साथ-साथ दवाओं की भी जांच शुरू होनी है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के भवन को पिछले साल अपग्रेड किया गया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के असिस्टेंट कमिश्नर एसपी श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना के कारण प्रयोगशाला शुरू नहीं हो पाई है। जल्द जांच शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस लैब में कहां के सैंपल की जांच होगी, यह शासन स्तर पर तय किया जाएगा। ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन शाक्य ने बताया कि मेरठ के सैंपल की जांच लखनऊ में होती है। यहां दूसरे जिलों के सैंपल की जांच होगी। प्रयोगशाला बढ़ने से रिपोर्ट जल्दी आया करेगी।