लापरवाही : कंटेनमेंट जोन की बैरिकेडिंग ही तोड़ दी, आठ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
मेरठ। जिले में गांवों में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण पर प्रशासन अब अलर्ट हो गया है। मुख्यमंत्री के हर मंडल में गांवों के दौरे को देखते हुए पहले से ही अधिकारी गांव की गली-गली पहुंचकर संक्रमितों का हालचाल पूछ रहे हैं। शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी ने अधिक कोरोना संक्रमित वाले गांवों में पहुंचकर दौरा किया। उन्होंने निगरानी समितियों से वार्ता कर सभी संक्रमितों के परिवारों तक पहुंचने के निर्देश दिए। इस दौरान कंटेनमेंट जोन की बैरिकेडिंग तोड़ने का मामला भी सामने आया। सीडीओ आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए।
रोहटा ब्लॉक के गांव पूठखास, अरनावली, जिंझोखर और सरूरपुर ब्लॉक के गोटका का निरीक्षण किया गया। निगरानी समितियों का फीडबैक लिया गया और कुछ गांवों के सभी लोगों का सर्वे कराया गया। वहीं, गोटका गांव में कैंप लगवाकर टेस्टिंग की गई। गांव जिंझोखर में बताया किया गया कि यहां रात के समय कंटेनमेंट जोन में लगाई गई बैरिकेडिंग को कुछ लोग तोड़ देते हैं। सीडीओ ने ऐसे आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बीडीओ को दिए। बीडीओ ने आठ लोगों के खिलाफ कंकरखेड़ा थाना में तहरीर दे दी है। वहीं, विकास भवन में बनाए गए कोविड हेल्पलाइन सेंटर में 20 शिकायतें पहुंचीं। इनके जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
गांव के आसपास तैयार होंगे अस्पताल
मुख्य विकास अधिकारी ने जानी ब्लॉक में स्थित शहीद धन सिंह कोतवाल होम गार्ड ट्रेनिंग सेंटर में बने एल-वन कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां 25 लोगों का स्टाफ है। 150 ऑक्सीजन सिलिंडर की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई। यहां आठ कोरोना मरीज भर्ती हैं। पर्याप्त बेड और ऑक्सीजन की व्यवस्था का दावा किया गया है।