फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही की इंतहा : मेरठ में अस्पताल ने घायल को कर दिया मृत घोषित, परिजन लेकर निकले तो रास्ते में उठकर बैठा

Sun, 23 May 2021 10:45 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मिमहेन्स हॉस्पिटल में तीन दिन भर्ती रहने के बाद अस्पताल स्टाफ ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर लौटने लगे कि युवक अचानक उठ कर बैठ गया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में एक तरफ निजी अस्पतालों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, दूसरी ओर लापरवाही की मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रविवार को शहर के मिमहेन्स हॉस्पिटल का एक बड़ा कारनामा सामने आया है। यहां आपसी संघर्ष में घायल युवक को अस्पताल स्टाफ ने मृत घोषित कर दिया। वहीं परिजन जब अस्पताल से शव को घर लेकर जा रहे थे तो रास्ते में युवक अचानक उठ कर बैठ गया। परिजन यह देखकर हैरान रह गए वही युवक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार हापुड़ के ग्राम अटसैनी का रहने वाला युवक शाहरुख आपसी संघर्ष के दौरान गुरुवार को गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजनों ने उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उसे मेरठ के मिमहेन्स हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

मिमहेन्स हॉस्पिटल में तीन दिन भर्ती रहने के बाद अस्पताल स्टाफ ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर लौटने लगे कि युवक अचानक उठ कर बैठ गया। परिजनों ने आनन-फानन में युवक को दोबारा नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
विज्ञापन


परिजनों का आरोप है कि युवक जीवित था लेकिन कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका उचित उपचार नहीं किया, वही इस घटना के बाद से अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें