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मेरठ : लापरवाही ने ले ली कोरोना मरीजों की जान, सही इलाज न मिलने से लैब टेक्नीशियन की मौत, वीडियो वायरल

Thu, 22 Apr 2021 09:06 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष की कोरोना से मौत
  • मेडिकल में बेंच पर ही लिटाकर दे दी गई ऑक्सीजन
  • लैब टेक्नीशियन को भी नहीं मिला सही इलाज, मौत
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meerut medical - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ के अब्दुल्लापुर स्वास्थ्य केंद्र के लैब टेक्नीशियन अंशुल कुमार (30) की कोरोना से मौत हो गई है। उनके इलाज में लापरवाही बरती गई थी। अंशुल कुमार ने मरने से पहले एक वीडियो के जरिए यह आरोप लगाया था।
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मृत्यु से एक दिन पहले रिकॉर्ड किया गया उनका 38 सेकंड का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं- ‘मुझे सही इलाज नहीं मिल रहा है। मैं स्वास्थ्यकर्मी हूं, तब मुझे सही इलाज नहीं मिल रहा तो आम लोगों का क्या हाल होगा। स्टाफ आता है, पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन चेक करता है और चला जाता है। कई बार कह चुका हूं कि कोई दवा दे दो, सांस लेने में दिक्कत है। लेकिन कोई नहीं सुन रहा है।

जागृति विहार निवासी अंशुल कुमार, अब्दुल्लापुर पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन थे। कोरोना संक्रमण होने के कारण 18 अप्रैल को उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उनके मामा अवधेश ने बताया कि 20 अप्रैल को उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन वहां ऑक्सीजन भी नहीं थी।
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गुरुग्राम के अस्पताल में बुजुर्ग ने दम तोड़ा
गंगानगर के फिटकरी गांव निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना के कारण गुरुग्राम के अस्पताल में मौत हो गई। कुछ दिन पूर्व वह अपने परिवार के साथ एक धार्मिक स्थल पर गया था। इस दौरान संक्रमित हो गया। घर वापस लौटने पर बुजुर्ग की तबियत बिगड़ गई। मेरठ में उपचार दिलाने के बाद बुजुर्ग को गुरुग्राम ले जाया गया। वहां बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। 
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मेरठ में समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष भोज प्रताप सिंह तोमर की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। वह 50 साल के थे और गंगानगर के रहने वाले थे। परिवार में पत्नी, दो बेटे और बेटी है। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को उन्हें कोरोना की पुष्टि हुई थी।

सांस लेने में दिक्कत थी। ज्यादा परेशानी हुई तो बुधवार को एंबुलेंस में कई निजी अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन बेड फुल होना बताकर भर्ती नहीं किया गया। बाद में वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां भी भर्ती होने में देरी हुई। 

मेडिकल में उन्हें बेंच पर लिटाकर ही ऑक्सीजन दी गई। फिर बेड की व्यवस्था की गई। दोपहर करीब 12 बजे उन्हें भर्ती किया गया, लेकिन दो घंटे बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों और सपा कार्यकर्ताओं ने देरी से इलाज को मौत का कारण बताया है। वहीं, मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह त्यागी और महामंत्री सचिन चौधरी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने शोक जताया है।
 
एंबुलेंस में खत्म हो गई थी ऑक्सीजन
भोज प्रताप सिंह तोमर के दोस्त सपा नेता विपिन मनोठिया ने बताया कि मोदीपुरम से एक एंबुलेंस की थी। इसमें उन्हें मेरठ लाया गया था। यहां कई निजी अस्पतालों में बेड नहीं मिले और जब तक वह मेडिकल पहुंचे तब तक उनकी एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई थी।
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