कोरोना महामारी के दौरान बुधवार को कोविड अंतिम संस्कार का रिकार्ड टूट गया। मार्च 2020 से अप्रैल 2021 के बीच सूरजकुंड श्माशान में यह पहला मामला रहा जब कोरोना से मरने वालों की संख्या 35 तक पहुंच गई। बुधवार रात 10:00 बजे तक 50 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। दोपहर 2:00 बजे के बाद अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफार्म फुल हो चुके थे। इसके बाद जमीन पर दाह संस्कार किया गया।
कोरोना की भयावहता का अंदाजा अंतिम संस्कार की संख्या से ही लगाया जा सकता है। बुधवार रात सूरजकुंड श्मशान में 35 कोरोना संक्रमित लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। बुधवार सुबह 7:00 बजे एक तरफ लोग फूल चुग रहे थे तो दूसरी तरफ तीन एंबुलेंस में पांच शव इस इंतजार में रखे गए थे कि कब प्लेटफार्म खाली हों और अंतिम संस्कार का कार्य शुरू किया जाए। फूल चुगने के बाद प्लेटफार्म की सफाई कर एक एक कर अंतिम संस्कार शुरू हुआ। एक के बाद एक शव आते रहे।
दोपहर 2:00 बजे तक सभी प्लेटफार्म फुल हो गए थे। इसके बाद जमीन पर अंतिम संस्कार का कार्य शुरू हुआ। साल 2020 अप्रैल में सूरजकुंड श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए अधिकतम 20 शव पहुंचे थे। बुधवार को यह आंकड़ा बढ़कर 35 पहुंच गया। इस बात की पुष्टि सूरजकुंड पर कार्यरत कार्यालय प्रमुख कपिल पटेल ने की।
रात 10:00 बजे तक भी शव आते रहे। कपिल ने बताया कि उन्होंने रात 10 बजे रोड गंगा मोटर कार्यालय में फोन कर अवगत कराया कि 47 शवों का अंतिम संस्कार हो चुका है। इस बीच कार्यालय में बताया गया कि तीन और शव आ रहे हैं। जिसके बाद आंकड़ा 50 पहुंच गया।