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Meerut News: आईजीआरएस बैठक में लापरवाही, अनुपस्थित अफसरों का वेतन रोका

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- खराब प्रतिक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विकास भवन सभागार में जन शिकायतों के निस्तारण के लिए आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में विभागीय अफसरों के न आने पर डीएम डॉ. वीके सिंह ने नाराजगी जताई है। अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकने और खराब प्रतिक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगने की बात कही। आईजीआरएस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण के प्रति गंभीर न होने वाले अफसरों की रिपोर्ट शासन भेजने की बात कही है। 100 प्रतिशत निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा हुई। इसमें कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति व शिकायतकर्ताओं के असंतोष की बात सामने आई। इस पर अधिकारियों को चेतावनी देते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश जारी हुए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जन शिकायत के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
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शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया है। शासन स्तर पर आईजीआरएस की निगरानी हो रही है, इससे भविष्य में खराब प्रदर्शन पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों को समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सीडीओ नूपुर गोयल, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, सिटी मजिस्ट्रेट नवीन कुमार श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए सुनील कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई
जिन अधिकारियों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। बताया है कि अधिशासी अभियंता यांत्रिकी विभाग, अधिशासी अधिकारी हस्तिनापुर, जिला कमांडेंट होमगार्ड और खंड शिक्षा अधिकारी माछरा, एआरटीओ, एआरएम रोडवेज, वरिष्ठ निरीक्षक बाट एवं माप विभाग, अधिशासी अभियंता जलकल विभाग, अधिशासी अधिकारी मवाना अनुपस्थित रहे हैं। अधिकारियों की बैठक में अनुपस्थिति को लापरवाही माना गया है।
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असंतोषजनक प्रतिक्रिया पर स्पष्टीकरण
डीएम ने बताया कि शिकायतों के निस्तारण में असंतोषजनक प्रतिक्रिया मिलने पर कई अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मेरठ, खंड विकास अधिकारी रजपुरा, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी सरूरपुर, खंड विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक चकबंदी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण से जवाब तलब हुआ है। पशु चिकित्सा अधिकारी मवाना, खंड शिक्षा अधिकारी मवाना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय और सब रजिस्ट्रार मवाना से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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