तत्कालीन उपजिलाधिकारी विजय कुमार ने तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर जमीन का दुरुस्तीकरण करते हुए मीरा के स्थान पर नीरा का नाम अंकित करने के आदेश दिए।
इस बीच मृतक मीरा के पुत्र विवेक गुप्ता और अमित गुप्ता ने चार मार्च 2020 को एसडीएम सदर के यहां एक प्रार्थनापत्र दिया कि उनका पक्ष नहीं सुना गया। एसडीएम सदर दीपक कुमार ने तत्कालीन एसडीएम विजय कुमार के आदेश को निरस्त कर दिया। सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तिथि लगा दी है।
इस प्रकरण को लेकर नीरा स्वरूप के भाई कंबलवाला बाग के प्रभात कुमार स्वरूप ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। इस प्रार्थना पत्र के साथ बैनामे की कॉपी, तहसीलदार की जांच रिपोर्ट, दोनों एसडीएम के आदेश की प्रति लगाई गई है।
प्रभात का कहना है कि नीरा और मीरा दोनों उनकी बहन है, लेकिन बैनामा नीरा के ही नाम है। मीरा के बेटे अफसरों से मिलकर इस प्रकरण में भ्रम पैदा कर रहे हैं। सब कुछ स्पष्ट है बैनामा केवल नीरा के ही नाम है।
एसडीएम बन चुके हैं तहसीलदार
जमीन के मामले में ही जिले की बुढ़ाना तहसील के एसडीएम कुमार भूपेंद्र के खिलाफ मवाना तहसील के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ कार्रवाई कर चुके हैं, उन्हें तहसीलदार पद पर पदानवत कर दिया गया है।
-मेरे सामने एक पक्ष ने शिकायत की थी कि उन्हें सुना नहीं गया। इसलिए मैने इससे पहले हुए एसडीएम के आदेश को निरस्त कर दिया है। अब इस मामले में फिर से सुनवाई होगी।
- दीपक कुमार, एसडीएम सदर
तहसीलदार ने जांच की है और बैनामे के आधार पर एसडीएम ने दुरुस्तीकरण किया है, तो सही प्रक्रिया है। ऐसे में एसडीएम के अपने समकक्ष का आदेश निरस्त करने के मामले की जांच कराई जाएगी। इस पूरे मामले की फाइल तलब की जा रही है, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। - सेल्वा कुमारी जे, डीएम