- नए बिजलीघर की स्थापना ओर विद्युत व्यवस्था के व्यापक सुधार की मांग
- पीमा के नेतृत्व में एमडी पीवीवीएनएल से मिला प्रतिनिधिमंडल
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (पीमा) के नेतृत्व में उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगपुरम, गंगोल सड़क, काशी क्षेत्र और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की गंभीर विद्युत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना और विद्युत व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग करते हुए एक संयुक्त प्रतिवेदन सौंपा।
उद्यमियों ने लगातार बिजली कटौती, ट्रिपिंग, लो वोल्टेज, ओवरलोडिंग और फाल्ट के कारण घंटों तक बाधित रहने वाली आपूर्ति पर रोष व्यक्त किया। उद्योगपुरम क्षेत्र के उद्यमी अनुराग अग्रवाल ने इन समस्याओं को उजागर किया। पीमा अध्यक्ष निपुण जैन ने कहा, उद्योगपुरम और गंगोल सड़क क्षेत्र के उद्योग बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। बढ़ते औद्योगिक भार के बावजूद इस पर वर्षों से कार्य नहीं हुआ है। ऐसे ही हालात रहे तो उद्योग बंद करने पड़ेंगे। गंगोल रोड के उद्यमी अपार बंसल ने नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा, वर्तमान उपकेंद्रों पर क्षमता से अधिक भार है, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
औद्योगिक उत्पादन पर असर
उद्यमी ऋतिक अग्रवाल ने बताया कि कई बार किसी एक उद्योग में तकनीकी समस्या आने पर पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है। इससे सैकड़ों इकाइयों का उत्पादन एक साथ प्रभावित होता है। उद्योगपति मनोज गुप्ता ने कहा कि फाल्ट होने पर पांच से दस घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती। उद्योगों को मजबूरी में महंगे डीजल जनरेटर चलाने पड़ते हैं। इससे उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है और निरंतर उत्पादन वाली इकाइयों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रबंध निदेशक का आश्वासन
निपुण जैन ने बताया कि बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने तत्काल मुख्य अभियंता से दूरभाष पर बात की और आवश्यक निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में मनोज गुप्ता, राकेश भल्ला, मुकेश तनेजा और सुनील मित्तल जैसे उद्यमी भी शामिल थे। इन उद्यमियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं और मेरठ के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने की मांग की है।