एसटीपी का पानी इस्तेमाल करेगा एनसीआरटीसी
मेरठ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) रैपिड रेल कॉरिडोर के साथ-साथ पर्यावरण सुधार के लिए भी काम करेगा। कॉरिडोर के आसपास पर्यावरण सुधारने के लिए एजिस कंपनी से किया करार पर मुहर लगने के बाद एनसीआरटीसी ने निर्माण कार्यों के लिए अब मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले ट्रीटेड पानी लेने और इसका इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। एमडीए ने इसके लिए सहमति दे दी है।
शताब्दी नगर में चल रहे रैपिड रेल निर्माण में इस पानी का उपयोग किया जाएगा। इस तरह से इस पानी के उपयोग के साथ बचत भी हो सकेगी। पिछले कुछ समय से एमडीए संशय में था कि ट्रीटेड पानी का उपयोग कैसे किया जाए। एमडीए के 10 से अधिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद इन प्लांट से आय नहीं हो रही है। अब एनसीआरटीसी ने एमडीए को आय का रास्ता खोल दिया है।
10 रुपये प्रति किलोलीटर की दर तय
एमडीए की तरफ से एनसीआरटीसी को 10 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से ट्रीटेड वॉटर दिया जाएगा। इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी से हस्ताक्षर के बाद इसकी अनुमति दी जाएगी। वहीं, 50 हजार रुपये भी प्राधिकरण कोष में जमा कराने होंगे। इसके बाद टैंकरों की मदद से शताब्दी नगर से पानी रैपिड रेल कॉरिडोर साइट पर जा सकेगा। इस पानी को वह प्रदूषण को कम करने के लिए किए जा रहे छिड़काव सहित अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा।
अनुमति के लिए बोल दिया
हमें पत्र मिला है। हम तैयार भी हैं। इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए अधिशासी अभियंता को अनुमति देने के लिए कह दिया गया है।
- प्रवीणा, सचिव, एमडीए