रात में तापमान गिरने से बढ़ रहा प्रदूषण का असर
मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम ठंड बढ़ने लगी है। रात के तापमान में गिरावट और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फैल नहीं पा रहे हैं। धूल, धुआं और अन्य हानिकारक कण हवा में जमा हो रहे हैं। ऐसे में सुबह के समय प्रदूषण का प्रभाव अधिक महसूस किया जा रहा है।
दिवाली पर आतिशबाजी से और बिगड़ सकते हैं हालात
पहले से खराब हवा के बीच दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी प्रदूषण का स्तर और बढ़ा सकती है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और हानिकारक कण वातावरण को अधिक प्रदूषित कर सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा समेत सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ने की आशंका है।
ऐसे लोगों को सुबह और शाम प्रदूषण के अधिक प्रभाव वाले समय में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
प्रदूषण से बचने के लिए घर के अंदर करें व्यायाम
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह-शाम खुले स्थानों पर दौड़ने या व्यायाम करने के बजाय घर के अंदर ही शारीरिक गतिविधियां करना बेहतर है। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। दिवाली पर पटाखों से दूरी बनाकर पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की जरूरत है।