- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से बुद्धा गार्डन में चल रही कथा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से बुद्धा गार्डन में चल रही सात दिवसीय शिव कथा के अंतिम दिन पंडाल माता के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान नवरात्रि महोत्सव मनाया गया। कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर ने श्रद्धालुओं को श्री गणेश उत्पत्ति एवं महिषासुर मर्दिनी की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि माता महिषासुर मर्दिनी का प्राकट्य देवताओं की समस्त शक्तियों के एकीकरण से हुआ। इसके बाद महिषासुर जैसे दैत्य का अंत हुआ।
कथा व्यास ने कहा कि आज के समय में समाज से आतंक, भेदभाव, द्वेष और घृणा रूपी महिषासुर का अंत करना जरूरी है। यह केवल ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही हो सकता है। उन्होंने शिव परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि विपरीत स्वभाव के जीव भी वहां प्रेम और सामंजस्य के साथ रहते हैं। यही संदेश मानव समाज के लिए भी प्रेरणादायक है कि आपसी प्रेम, शांति और सद्भाव से ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
मेरठ शाखा संयोजक साध्वी आर्या भारती ने कहा कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ईश्वर के साक्षात दर्शन का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि ध्यान साधना से अपने अंतःकरण में शिव का अनुभव कर जीवन को सफल बनाएं। कथा का समापन विधिवत पूजन, दिव्य आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।