श्राद्ध के समापन के बाद शुभ कार्यों शुरू हो जाएंगे। आज पितृ विसर्जन अमावस्या मनाई जाएगी। जिसके बाद नवरात्र शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस बार नवरात्र बहुत ही शुभ हैं। श्रद्घालुओं के लिए कल्याणकारी साबित होंगे। वहीं उनके अनुसार पितृ की विदाई के दिन खूब दान करना चाहिए। आगे जानिए आपके लिए कैसे लाभकारी रहेंगे इस बार नवरात्र:-
निर्धन को भोजन कराने से मिलेगी विशेष शांति
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि अश्विन मास कृष्ण पक्ष को पितृ विसर्जन अमावस्या कह जाता है। इस दिन धरती पर आए पितृ को याद करके उनकी विदाई की जाती है। अगर पूरे पितृ पक्ष में निर्धन को भोजन कराने से पितृ को एक विशेष शांति मिलती है। सुबह के समय स्नान कर सात्विक होना चाहिए। पितृ की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें। शाम के समय यमुना के किनारे दीपक जलाए, इससे मन को शांति मिलेगी।
नौका पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा, सब रहेगा शुभ
ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि दस अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। कलश स्थापना का शुभ समय 6:18 से 7:26 तक शुभ है। इस बीच कलश स्थापना नहीं हुई तो 11:40 से 12:015 तक शुभ समय है।
इस बार नवरात्र अत्यंत शुभ कारक होंगे, क्योंकि भगवती दुर्गा इस बार स्वर्ण जनित नौका पर सवार होकर आ रही है। नौका पर माता का आगमन शुभ माना जाता है। इस बार भी खूब वर्षा होगी। यह वर्ष किसानों के लिए लाभकारी रहेगा। माता की विदाई हाथी पर होने से अद्भुत संयोग रहने का योग हैं।
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