मेरठ..कंवलजीत..कल रविवार को होने वाले मेला नौचंदी के उद्घाटन को लेकर नौचंदी ग्राउंड में तैयारी
पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का उद्घाटन आज शाम पांच बजे होगा। यह मेला आपसी भाईचारे का प्रतीक है। जिला पंचायत ने शनिवार को शहीद गेट पर दिन भर तैयारी की।
आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय, जलशक्ति मंत्री दिनेश खटीक और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी समेत कई अधिकारी गणेश मंदिर में पूजा करेंगे। इसके बाद आसमान में तिरंगा रंग के गुब्बारे और सफेद कबूतर छोड़े जाएंगे। बैंडबाजों की धुन पर पैदल चलकर सभी नेता और अधिकारी मां चंडी मंदिर में ज्योति जलाएंगे। वहां मां को चुनरी और नारियल चढ़ाए जाएंगे। इसके उपरांत बालेमिया की मजार पर चादरपोशी की जाएगी। मेला परिसर में इंदिरा गांधी, महात्मा गांधी, जय जवान जय किसान और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी होगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने मेले के भव्य उद्घाटन की बात कही। उन्होंने समय से दुकानें आने और मेले का ऐतिहासिक स्वरुप बना रहने का प्रयास करने को कहा। हालांकि, मेले में दुकानें उद्घाटन के करीब 15 दिन बाद सजनी शुरू होंगी।
प्राचीन इतिहास और आयोजन
नौचंदी मेला लगभग एक महीने तक चलता है और अब यह राजकीय मेला घोषित हो गया है। इसका आयोजन एक साल नगर निगम और एक साल जिला पंचायत करता है। होली के बाद दूसरे रविवार को इसका विधिवत उद्घाटन होता है। यह मेला चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी चंडी की पूजा के लिए आयोजित होता है। कहा जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी विवाह से पहले इसी चंडी मंदिर में पूजा करती थी।
मेले की विशेषताएं और कार्यक्रम
मेले में उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों से दुकानदार आते हैं। लखनऊ के चिकन वर्क, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और वाराणसी की साड़ियां मिलती हैं। आगरा के जूते, सहारनपुर के लकड़ी के सामान और मेरठ की कैंची भी उपलब्ध होती है। यहां झूले, सर्कस और मौत का कुआं जैसे मनोरंजन के साधन भी होते हैं। पटेल मंडप में करीब 20 दिन तक देशभक्ति, धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम होते हैं।