इन खिलाड़ियों को किया जाएगा सम्मानित
हापुड़ रोड स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी निवासी 21 वर्षीय शॉटपुट खिलाड़ी किरन बालियान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 से ज्यादा पदकों पर कब्जा जमा चुकी हैं। किरन बालियान ने श्रीलंका में यूथ चैंपियनशिप में स्वर्ण, जूनियर नेशनल में रजत, हाल में ही ऑल इंडिया विवि में स्वर्ण पदक पर झटका। पिता सतीश बालियान पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात हैं।
रुड़की रोड स्थित राजनकुंज निवासी ख्याति माथुर एथलेटिक्स में हाईजंप की खिलाड़ी हैं। उन्होंने खेलो इंडिया खेलो के ट्रायल का सफर तय किया। तमिलनाडु में नेशनल और एसजीएफआई में रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
दौराला के इकलौता गांव निवासी पारूल चौधरी ने दौड़ में साउथ एशियन गेम्स 2019 में रजत पदक झटका। पारूल ने राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। किसान पिता कृष्णपाल सिंह परिवार ने गौरवान्वित महसूस किया।
सरधना के बहादरपुर निवासी जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी ने हाल में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फाइनल में जगह बनाकर रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में जगह बनाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी। एशियन गेम्स 2014, साउथ एशियन गेम्स 2016 में रजत, एशियन चैंपियनशिप 2017 में कांस्य पदक, जबकि 2019 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर चुकी हैं।
पल्लवपुरम फेज 2 निवासी सत्यम सिंह ने एथलेटिक्स में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर पदकों पर कब्जा किया। साल 2019 में विजयवाड़ा में जूनियर नेशनल में रजत पदक हासिल किया। किसान पिता हरेंद्र सिंह ने सत्यम के सपनों को उड़ान देने में पूरा सहयोग दिया।
मूल रूप से बड़ौत निवासी 17 वर्षीय मानसी कैलाश प्रकाश स्टेडियम में अभ्यास करती हैं। विजयवाडा में जूनियर नेशनल में रजत पदक, स्कूल नेशनल रांची झारखंड में रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। शनिवार को मानसी सम्मान समारोह के लिए लखनऊ रवाना हुई तो कुछ देर बाद ही उनके चाचा की मौत हो गई, लेकिन मानसी को इसकी सूचना नहीं दी गई।
मेरठ प्रेम प्रयाग कालोनी निवासी मनु अत्री पूर्व उप क्रीड़ा अधिकारी राजाराम अत्री के बेटे हैं। मनु अत्री ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में मनु ओएनजीसी की ओर से बैडमिंटन खेलते हैं। पिता राजाराम अत्री ने बताया सरकार ने यह पहली की है तो अच्छा है।
मूक बधिर 16 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी निशा ने मलेशिया में रजत पदक हासिल किया। लिसाड़ीगेट के आजाद रोड गोलाकुआं निवासी निशा के पिता डेयरी संचालक हैं। सुनने और बोलने में असमर्थ निशा प्रतिदिन कैलाश प्रकाश स्टेडियम के बैडमिंटन कोर्ट में अभ्यास करती हैं। परिवार का सपना है कि वो एक दिन पैरा ओलंपिक गेम्स में जगह बनाकर देश का नाम रोशन करे।
सरूरपुर के कलीना गांव निवासी 17 वर्षीय शूटर सौरभ चौधरी ने शूटिंग में मेरठ जिले को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया। 10 मीटर एयर पिस्टल में वर्ष 2018 व 19 में आईएसएसएफ विश्वकप, यूथ ओलंपिक सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से पदक झटक कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने इसी वर्ष होने वाले टोक्यो ओलंपिक गेम्स में कोटा हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनको सम्मानित कर चुके हैं।
छोटा मवाना निवासी शहजर रिजवी ने आईएसएसएफ विश्वकप में स्वर्ण पदक हासिल कर विश्व नंबर एक रैंक हासिल कर रिकॉर्ड कायम किया। एयरफोर्स में जूनियर सार्जेंट पद पर तैनात शहजर ने आईएसएसएफ विश्व कप सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरठ का नाम रोशन किया। शहजर रिजवी ने बताया प्रदेश सरकार की पहल अच्छी है, युवा खिलाड़ियों को सम्मान मिलने से उनका हौसला बढ़ेगा।
इंचौली निवासी 17 वर्षीय डबल ट्रेप शूटर अहवर रिजवी ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2017 में स्वर्ण पदक सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदकों की झड़ी लगाई। ओलंपिक में डबल ट्रेप शूटिंग स्पर्धा खत्म होने के बाद वो अब सिंगल ट्रुेप में अभ्यास कर रहे हैं।
पल्लवपुरम निवासी 16 वर्षीय शार्दुल विहान ने जकार्ता में एशियन गेम्स में रजत पदक हासिल किया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत शार्दुल विहान प्रदेश सरकार से लक्ष्मण अवार्ड भी पा चुके हैं। पिता दीपक विहान ने बताया सरकार की ओर से युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिये अच्छा कदम है।
जागृति विहार निवासी कुश्ती खिलाड़ी प्रियंका सिंह ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक झटके। दो बार सड़क हादसों का शिकार होने के बावजूद प्रियंका ने हौसले का साथ नहीं छोड़ा, वो वर्तमान में कोच बनकर खिलाड़ियों का भविष्य सुधार रही हैं। सम्मान के लिए लखनऊ जाते समय उन्होंने खुशी व्यक्त की।
फूलबाग कॉलोनी निवासी अपूर्वा त्यागी कुश्ती खिलाड़ी हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। पिता प्रदीप त्यागी ने सम्मान होने के चयन के लिए खुशी जताई।
गांव सिसौली निवासी अर्चना ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को स्वर्ण दिलाया है। किसान पिता ब्रह्मपाल सिंह ने बताया बेटी ने जो सम्मान और प्यार दिलाया वो एक बेटा भी नहीं दिलाता। सम्मान पाने से परिवार के सदस्य खुश हैं। उन्होंने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है।
गढ़ रोड स्थित भोपाल विहार निवासी दिव्यांशी त्यागी अंतरराष्ट्रीय कुश्ती स्पर्धाओं में रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। रविवार को सम्मान से पहले पिता दुष्यंत त्यागी सहित परिवार के लोगों ने खुशी जताई। दिव्यांशी का लक्ष्य कॉमनवेल्थ में पदक हासिल करना है।
स्टेडियम के छात्रावास के कुश्ती खिलाड़ी अरविंद यादव रोहतक में आयोजित आल इंडिया यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं। अरविंद ने बताया कि परिवार में भी जश्न का माहौल है। सरकार की इस पहल से युवाओं का हौसला बढ़ेगा।
थापरनगर निवासी बाक्सिंग खिलाड़ी स्मिथ सिंह ने आल इंडिया यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक झटका। रोहतक में यूथ ओपन नेशनल में रजत, एसजीएफआई नेशनल गेम्स में स्वर्ण, खेलो इंडिया खेलो में कांस्य पदक हासिल किया। उनका सपना देश के लिए पदक जीतकर नाम रोशन करना है।
रोहटा रोड निवासी 17 वर्षीय वुशू खिलाड़ी आकांक्षा तोमर ने राष्ट्रीय वुशू चैंपियनशिप में 3 बार पदक झटके। जबकि प्रदेश स्तर पर 10 से ज्यादा पदकों पर कब्जा किया। पिता हरेंद्र तोमर सहित परिवार के सदस्यों ने सम्मान पाने पर खुशी जताई।
इंचौली निवासी रवि सूर्यवंशी राष्ट्रीय स्तर पर वुशू में गोल्ड हासिल कर चुके हैं। किसान पिता किशनपाल का सपना है कि बेटा देश के लिए वुशू में पदक जीते। प्रदेश सरकार का बुलावा आया तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
मवाना के बहचौला निवासी शुभम चौहान ने राष्ट्रीय वुशू चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रदेश स्तर पर कई पदकों पर कब्जा कर चुके हैं। रविवार को सम्मान से पहले शुभम सहित परिवार के लोगों ने खुशी जताई।
मोहकमपुर निवासी 12 वर्षीय शौर्य ने भी वुशू में कमाल किया है। राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक पाकर परिवार का नाम रोशन किया। लखनऊ में सम्मान पाने से पहले परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
पैरा ओलंपिक पावर लिफ्टर खिलाड़ी कंकरखेड़ा निवासी सचिन चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स के पैरा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। हाल में ही उन्होंने पैरा खिलाड़ियों के सम्मान में लड़ाई भी लड़ी। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सराहा। सचिन चौधरी ने बताया लखनऊ में सम्मान पाने के लिये उत्साहित हूं।
रार्धना किठौर निवासी पैरा डिस्कस खिलाड़ी फातिमा खातून ने जीवन में बहुत दर्द देखे, दुर्घटना में कौमा में रहकर भी हार नहीं मानी। शरीर पर कई जगह चोट के बाद खेलों में हाथ आजमाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिस्कस में पदक दिलाया। सम्मान पाने से पहले फातिमा खुश हैं।
माधवपुरम निवासी रवि यादव पैरा एथलेटिक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक हासिल कर चुके हैं। आठ साल की उम्र में करंट लगने से एक हाथ गवां बैठे रवि कुमार ने पैरा खेलों में अपनी पहचान बनाई। फ्रांस सहित कई देशों में एथलेटिक्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।