मेरठ में गगोल तीर्थ स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य चल रहा है। एक करोड़ 51 लाख रुपये का बजट खर्च हो रहा है। पड़ोसी जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित ग्राम पंचायत पूठ और आलमनगर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर पार्क, तालाब का सौंदर्यीकरण, बुलंदशहर ग्राम राजघाट गंगा तीर्थ, शिकारपुर के पांण्ड्रावल दौराहा स्थित अहिल्याबाई होल्कर चौक, शिकारपुर में ही अग्रसेन चौक, मीन भगवान चौक, स्याना के गांव सैदपुर में दादीजी के मंदिर, सिकंद्राबाद में भगवान श्री किशन तालाब मंदिर, ब्रजघाट में घाट, गाजियाबाद के मोदीनगर में ग्राम सीकरी खुर्द में मातारानी मंदिर, मुरादनगर में घूमेश्वर महादेव मंदिर, डासना मसूरी देवी मंदिर, पांचली में धनसिंह कोतवाल आर्ट गैलरी आदि पर कार्य चल रहा है।
विधायकों ने भी सौंपे हैं प्रस्ताव
मेरठ के हस्तिनापुर से राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने हस्तिनापुर में महाभारत कालीन गेट बनाने का प्रस्ताव दिया है। विधायक सोमेन्द्र तोमर ने जागृति विहार मंशादेवी मंदिर के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव दिया है।
इनके अलावा बागपत से किशनपाल मलिक, बुलंदशहर से विधायक अनिल शर्मा, लक्ष्मीराज सिंह, मीनाक्षी सिंह, आचार्य योगेश शास्त्री ने अपने- अपने क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव शासन में भेजे हैं।
पर्यटकों के लिए मेरठ ही नहीं बल्कि पश्चिम उप्र में बहुत संभावनाएं हैं। सहारनपुर में शाकंभरी देवी मंदिर, मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ, हस्तिनापुर, गढ़मुक्तेश्वर, बुलंदशहर सभी जनपदों में ऐतिहासिक और धामिक स्थल हैं।
गढ़मुक्तेश्वर का 75 करोड़ से विकास होना है। मेरठ मंडल के जनपदों में एक दर्जन से अधिक स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर से बड़ी योजनाएं बनायी जा रही है। - प्रीति श्रीवास्तव, जिला पर्यटन अधिकारी