कोचुवली-देहरादून एक्सप्रेस में सहारनपुर के युवकों पर हमला बोलने वाले युवक कारीगर नहीं, बल्कि शामली के कपड़ा विक्रेता थे। जीआरपी ने आधा दर्जन आरोपियों को हिरासत में लिया तो पूछताछ में पता चला कि मरने वाले नासिर पर उन्होंने उसके ही औजार छीनकर जानलेवा हमला बोला था। इस वारदात का जीआरपी मेरठ ने मंगलवार को खुलासा करने का दावा किया है। आरोपियों में दोनों समुदाय के युवक बताए गए हैं।
जीआरपी की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सहारनपुर के युवकों के साथ वह भी कोचुवली एक्सप्रेस से आ रहे थे। ट्रेन में सीट पर बैठने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। कोटा में भी उनकी मारपीट हुई थी। सहारनपुर के सभी युवक कारीगर हैं। मेरठ सिटी स्टेशन पर आरोपियों की हरिद्वार निवासी तीन सिख युवकों से कहासुनी हुई थी। जिस पर सहारनपुर के कारीगर युवकों ने औजार निकाल लिए थे। इस दौरान शामली के कपड़ा विक्रेताओं ने नासिर से उसके औजार छीनकर ताबड़तोड़ वार किए थे, जिसमें नासिर की मौत हो गई थी।
पिटाई का बदला लिया
जीआरपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि सहारनपुर के कारीगरों ने कोटा में उनकी पिटाई की। उस दौरान सहारनपुर के युवकों की संख्या ज्यादा थी। जिसका बदला लेने की खातिर शामली के युवकों ने फोन कर मेरठ सिटी स्टेशन पर आधा दर्जन युवक बुलाए थे। तभी शामली के कपड़ा विक्रेताओं का सिख युवकों से विवाद हो गया था। जिसमें सहारनपुर के कारीगर युवक सिख युवकों के पक्ष में आ गए थे।
डीआईजी रेलवे ने ली जानकारी
डीआईजी रेलवे लखनऊ बीएस यादव ने सोमवार को कैंट स्टेशन और घटनास्थल का मुआयना किया। ट्रेन में हुई वारदात की पूरी जानकारी एसओ जीआरपी अशोक वर्मा से ली। एसओ ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो गई। कुछ आरोपी हिरासत में हैं। वारदात का खुलासा मंगलवार को होगा।
सिख युवक को बचाने में गई जान
इस प्रकरण की जांच में जुटे एसपी रेलवे मुरादाबाद वैभव कृष्ण का कहना है कि सिख युवक की जान बचाने में नासिर की जान गई थी। सिख युवकों से विवाद होने पर कोटा में हुआ झगड़ा हावी हो गया था। जिस पर शामली के युवकों ने संख्या ज्यादा होने पर सहारनपुर के युवकों पर हमला बोला था।
कोट
शामली के युवक कोचुवली एक्सप्रेस में कपड़े बेचते हैं। वापस लौटते युवकों का सहारनपुर के कारीगरों से सीट को लेकर विवाद हुआ था। शामली के युवकों ने कारीगरों से उनके औजार छीने और उनसे ही हमला बोला था। -बीएस यादव, डीआईजी रेलवे लखनऊ